
कोटा. कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार का पूरा जोर सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाना है, लेकिन शुक्रवार को भामाशाहमंडी में मंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क ने करीब पांच सौ महिला श्रमिकों को लेकर घुस गए और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं की गई और मंडी प्रशासन बेबस नजर आया।
कोरोना संक्रमण के चलते मंडी प्रशासन ने महिला श्रमिकों को मंडी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी। इसको लेकर हम्मालों ने दो दिन की हड़ताल की थी। देवा भड़क व राजसिंह आमेरा के साथ सुबह बड़ी संख्या में महिला श्रमिक गेट पर एकत्रित हुई और जुलूस निकालते हुए मंडी में घुस गई। मंडी में महिला श्रमिक झुण्ड में बैठी नजर आईं।
इनका कहना है
- सोशल डिस्टेंसिंग की सख्ती से पालना करवाई जाएगी। दो लाउड स्पीकर से दिनभर ऐलान करवाया गया है। फिर भी पालना नहीं करने पर महिला पुलिस कर्मी लगाकर सख्ती की जाएगी। पुलिस जाप्ता मांगा गया है। -एम.एल. जाटव सचिव मंडी समिति
- मंडी में 378 महिला श्रमिकों की आईडी बनाई गई थी, इसके बाद शुक्रवार को तीन सौ महिला श्रमिकों को प्रवेश दिलाया है। सोशल डिस्टेसिंग की पालना के लिए महिला श्रमिकों को पाबंद किया गया है।- -देवा भड़क पूर्व उपाध्यक्ष मंडी समिति
मंत्री ने दिए पालना के निर्देश
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से लॉकडाउन के प्रावधानों की पालना के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, लोगों को जागरूक करके लॉकडाउन की पालना कराई जाए।