कोटा

Kota: बुझ गया परिवार का चिराग, घूमने गए किशोर की मौत के बाद घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल

दो बहनों और दो भाइयों में बड़ा आयुष गुर्जर खातौली में अपने मामा के घर रहकर सरकारी विद्यालय में 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। घर वालों को हादसे की जानकारी मिलने के बाद से ही उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
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Sep 23, 2025
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मृतक की फाइल फोटो: पत्रिका

कोटा के खातौली क्षेत्र के बालूपा गांव से सटे छुआरी धाम में घूमने गए 7 दोस्तों में से 4 किशोर सोमवार को तेज बहाव में बह गए और चारों के शव मिल गए। इनमें से एक किशोर आयुष गुर्जर के परिचितों और परिजनों ने बताया कि चंबल नदी किनारे स्थित बेजपुर गांव का यह किशोर तैरना जानता था और नदी में गांव आने के लिए तैरता भी था।

उसके इस तरह डूबने का किसी को विश्वास नहीं होता। लगता है वह अन्य दूसरे डूबने वालों को बचाने के चक्कर में डूब गया। दो बहनों और दो भाइयों में बड़ा आयुष गुर्जर खातौली में अपने मामा के घर रहकर सरकारी विद्यालय में 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। घर वालों को हादसे की जानकारी मिलने के बाद से ही उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवारों की बुझी उम्मीदें

हादसे के दौरान डूबे किशोर अशफाक, मोहित, सोनू और आयुष गुर्जर के डूबने के साथ ही इनके परिवारों की आस और उम्मीद भी डूब गई। किशोर सोनू सुमन, आयुष गुर्जर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र थे। अशफाक और मोहित सुमन निजी स्कूल की माध्यमिक कक्षाओं में अध्ययन कर रहे थे।

बचे किशोर सदमे में

हादसे के दौरान सात में से बचे तीन किशोर धर्मराज योगी, अभिषेक योगी, विक्रम सुमन अभी परिजन के पास है। वे भी सदमे में बताए जा रहे हैं। पुलिस और परिजन ने उनकी स्थिति को देखते हुए किसी से मिलने से मना कर दिया है।

Updated on:
23 Sept 2025 03:09 pm
Published on:
23 Sept 2025 03:09 pm