2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: दो साल में दोगुनी हुई हवाई यात्रियों की शिकायतें, नागर विमानन मंत्रालय ने शुरू की ये नई श्रेणी

Air travel complaints increase: उच्च हवाई किराए की बढ़ती शिकायतों के बाद मंत्रालय अब ‘हवाई किराया’ नामक एक नई शिकायत श्रेणी की शुरुआत कर रहा है।

2 min read
Google source verification
Airport

Photo: Patrika

Ministry Of Civil Aviation Launches New Complaint Category: हवाई यात्रा के दौरान सुविधाओं के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि दो साल में ही हवाई यात्रियों की शिकायतें दोगुनी हो गई हैं। नागर विमानन मंत्रालय हवाई यात्रियों को एयरसेवा वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज करवाने की सुविधा देता है। शिकायतों को दूर करने के लिए मंत्रालय में एयरसेवा नियंत्रण कक्ष भी स्थापित है।

इनके तय समय में निपटान और निवारण की गुणवत्ता के मूल्यांकन का भी पूरा सिस्टम बना है। बावजूद इसके हवाई शिकायतों का अंबार बढ़ता जा रहा है। उड़ान में देरी, समय पर रिफंड नहीं मिलना और सामान की डिलीवरी से संबंधित शिकायतें सबसे ज्यादा हैं। उच्च हवाई किराए की बढ़ती शिकायतों के बाद मंत्रालय अब ‘हवाई किराया’ नामक एक नई शिकायत श्रेणी की शुरुआत कर रहा है।

तय है निस्तारण की समय सीमा

एयरलाइन कंपनियों को स्वच्छता संबंधी शिकायतें 6 घंटे के भीतर निस्तारित करनी होती हैं। वहीं उड़ान में देरी के लिए अधिकतम एक दिन, चेक-इन, बोर्डिंग और दिव्यांगजन सहायता के लिए 3 दिन, रिफंड, रखरखाव और भोजन के लिए 15 दिन, सामान और चालक दल के व्यवहार से संबंधित शिकायतों के लिए 21 दिन की समय सीमा तय है।

वहीं हवाई अड्डे को सामान खोया-पाया और स्वच्छता व हाइजीन की शिकायतों का 6 घंटे में निस्तारण करना होता है। एयरपोर्ट पर एसी ठीक करने के लिए एक दिन, ट्रॉली व वाई-फाई के लिए 3 दिन, भोजन के लिए 7 दिन और कर्मचारी व्यवहार संबंधी शिकायतें निस्तारित करने के लिए 15 दिन की समय सीमा है।

4 बड़ी समस्याएं और उनकी वजह

  1. फ्लाइट में देरी और रद्द होना: मौसम, तकनीकी खराबी या एयरलाइन ऑपरेशन्स में देरी।
  2. चेक-इन और बोर्डिंग: लंबी कतारें, कर्मचारियों की कमी और ओवरबुकिंग से असुविधा।
  3. कस्टमर सर्विस में कमी: एयरलाइन स्टाफ का व्यवहार ठीक नहीं होना और शिकायत का समाधान नहीं मिलने से परेशानी।
  4. महंगे टिकट और शुल्क: एयर फेयर में अचानक वृद्धि और अतिरिक्त शुल्क की जानकारी में अस्पष्टता।