
Kota Committed Suicide : राजस्थान सरकार और कोटा जिला प्रशासन के आत्महत्या रोकने के तमाम प्रयास के बावजूद कोटा में एक और कोचिंग छात्रा ने आज आत्महत्या कर ली। मृतका छात्रा रिचा सिन्हा कोटा में पांच माह से NEET की तैयारी कर रही थी। इस साल कोटा में यह 25वीं आत्महत्या की घटना है। कोटा में कोचिंग छात्र-छात्राओं की आत्महत्या का मामला रुक नहीं रहा है। रांची (झारखंड) की रहने वाली छात्रा रिचा सिन्हा विज्ञान नगर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि छात्रा ने पंखे में फांसी लगाकर आत्महत्या की। छात्रा की उम्र 16 साल है। मौके से कोई कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या की सूचना पर पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम आत्महत्या के कारणों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आत्महत्या की सूचना छात्रा के परिजनों को दे दी है। वैसे आज सीएम अशोक गहलोत कोटा के दौर पर हैं।
सूचना हॉस्टल में मौजूद कर्मचारियों को दी
पुलिस के अनुसार रिचा सिन्हा मई में ही हॉस्टल में रहने आई थी। छात्रा रिचा सिन्हा देर शाम से ही अपने कमरे से बाहर नहीं निकल रही थी। ऐसे में उसकी सहेलियों ने दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। इस पर इसकी सूचना हॉस्टल में मौजूद कर्मचारियों को दी गई।
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हर महीने औसतन तीन छात्रों ने की आत्महत्या
राजस्थान पुलिस के आठ महीनों के डेटा से खुलासा हुआ कि हर महीने औसतन तीन छात्रों ने पढ़ाई के दबाव में आकर आत्महत्या की है। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हर साल लगभग दो लाख छात्र संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में की तैयारी करने के लिए कोटा आते हैं।
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