दरा घाटी में वर्षों से बनी जाम की समस्या का अब समाधान नजदीक है। यहां रेलवे अंडरपास (आरयूबी) निर्माणाधीन है, जो आने वाले दिनों में क्षेत्रवासियों और वाहन चालकों के लिए राहत का कारण बनेगा।
मोड़क स्टेशन (कोटा)। दरा घाटी में वर्षों से बनी जाम की समस्या का अब समाधान नजदीक है। यहां रेलवे अंडरपास (आरयूबी) निर्माणाधीन है, जो आने वाले दिनों में क्षेत्रवासियों और वाहन चालकों के लिए राहत का कारण बनेगा। इस परियोजना से इलाके में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
दरा घाटी का संकरा मार्ग और रेलवे लाइन की वजह से यहां अक्सर यातायात बाधित होता है। दिनभर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन और संकरे रास्ते के कारण जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे लोग घंटों फंसे रहते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना हैं कि कई बार जरूरी कामों के लिए समय पर पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इस नए मोखे के निर्माण से आने-जाने में आसानी होगी।
प्रशासन ने इस समस्या का समाधान खोजते हुए दरा घाटी में एक नया अंडरपास बनाने का निर्णय लिया। निर्माण कार्य के प्रमुख इंजीनियर मोनू कुमार के अनुसार, अंडरपास बनाने के लिए तीन बड़े प्रीकास्ट कंक्रीट ब्लॉक तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक की लंबाई 13 मीटर, चौड़ाई 6 मीटर और ऊंचाई 6 मीटर होगी। इन तीनों ब्लॉकों को जोड़कर लगभग 40 मीटर लंबा मोखा तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अप्रैल के महीने में इन ब्लॉकों को रेलवे लाइन के नीचे स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब 9 मीटर चौड़ी खुदाई की जाएगी, ताकि ब्लॉकों को सही तरीके से रखा जा सके। इस कार्य के दौरान रेलवे विभाग के इंजीनियरों की निगरानी में इसे पूरी सुरक्षा और मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
निर्माण कार्य लगभग अपने अंतिम चरण में है। ब्लॉकों की स्थापना के बाद दोनों ओर सड़क निर्माण का कार्य भी किया जाएगा, जिससे यह मार्ग पूरी तरह से सुगम हो सके। निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब दो महीने का समय लगेगा और मई के अंत तक इसे पूरा किए जाने की उम्मीद है।
स्थानीय लोग नए अंडरपास के निर्माण को लेकर आशान्वित हैं। उनका मानना है कि इससे दरा घाटी में यातायात की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। प्रशासन और तकनीकी टीम का भी मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से दरा घाटी में जाम की समस्या में काफी कमी आएगी और क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी।