दशहरा मेला चरम पर है। सबसे ज्यादा भीड़ झूला मार्केट में है। झूला संचालकों ने आवंटित जगह से दोगुनी जगह पर कब्जा कर लिया।
कोटा . दशहरा मेला चरम पर है। सबसे ज्यादा भीड़ झूला मार्केट में रहती है। झूला संचालकों ने आवंटित जगह से दोगुनी जगह पर कब्जा कर लिया है। इस कारण रास्ते संकर हो गए हैं। शिकायत के बाद अब निगम प्रशासन हरकत में आया है। निगम ने दशहरा मैदान में झूला जोन बनाया है। इसमें करीब दो दर्जन विभिन्न तरह के झूले लगे हैं। निगम और पुलिस ने झूला मार्केट में अधिक भीड़ को देखते हुए रास्तों की जगह निर्धारित की थी। झूला संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि निर्धारित सीमा में ही झूले के सामान लगाएं, लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे जगह बढ़ा ली। कुछ झूला संचालकों ने तो झूले के सामने की जगह ठेले वालों को बेच दी। इसमें कोई जूस का तो कोई चाय-पानी का ठेला लगा रहा है।
हकीकत सामने आई
झूला मार्केट में जगह पर कब्जा करने की लगातार शिकायतों के बाद रविवार को मेला समिति सदस्य महेश गौतम लल्ली, प्रकाश सैनी, भगवान स्वरूप गौतम ने दौरा किया। इसमें पाया कि एक दर्जन झूला संचालकों ने झूले के आगे की जगह २० से ३० हजार रुपए में बेच दी। कुछ झूला संचालकों ने डेढ़ गुणा तक अतिरिक्त जगह पर कब्जा कर लिया। अतिरिक्त जगह की कोई रसीद भी नहीं कटवाई। तीन दिन पहले आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने भी झूला मार्केट में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए मेला अधिकारी व उपायुक्त को संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
बड़ों को छोड़ छोटों पर कार्रवाई
आयुक्त के निर्देश पर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने मेले में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति शुरू कर दी। अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास की अगुवाई में शाम को दस्ता ने केवल ठेले वालों को इधर-उधर करने का काम किया। जो ठेले आवागमन में व्यवधान पैदा कर रहे थे, उन्हें व्यवस्थित किया। झूला मार्केट में जाकर देखा तक नहीं।