कोटा

Big News: कोटा के माथे पर लगा लापरवाह शहर होने का दाग

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पर्यावरण सुधारने में लापरवाही करने वाले शहरों की सूची में कोटा को भी शामिल किया है।
2 min read
• •
Updated: 19 Mar 2018, 1:02 PM IST
 air pollution in kota

कोटा . लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण शैक्षणिक नगरी कोटा के माथे पर बदनुमा दाग बनता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पर्यावरण सुधारने में लापरवाही करने वाले शहरों की सूची में कोटा को भी शामिल किया है। शहर के हालात सुधारने के लिए बोर्ड ने जिम्मेदार विभागों को एक्शन प्लान भेजा है।

Good News: अपने टाइगर रिजर्व में रणथम्भौर से आ सकता है यह मेहमान

वर्ष 2014 के बाद कोटा में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। सीपीसीबी ने कोटा नगर निगम, नगर विकास न्यास, परिवहन विभाग और वन विभाग को इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए, लेकिन कोई कार्रवाई करना तो दूर इन विभागों ने सीपीसीबी के पत्रों का जवाब देना तक जरूरी नहीं समझा। ऐसे में इन विभागों द्वारा वायु प्रदूषण की रोकथाम करने के लिए किसी तरह का प्रयास न किए जाने से कोटा को देश के 94 लापरवाह शहरों की सूची में डाल दिया गया है। सूची में कोटा के अलावा अलवर, जयपुर , जोधपुर व उदयपुर भी शामिल हैं।

Read More: रणथम्भौर में अभी जितने हैं उससे 50 साल पहले अपने मुकुन्दरा में थे ज्यादा टाइगर

सहेजनी पड़ेगी आईएल की हरियाली
सीपीसीबी ने कोटा के हालात सुधारने के लिए छायादार और फलदार पेड़ों को काटने पर सख्त पाबंदी लगाने के साथ ही शहर के बीचों-बीच खाली पड़ी जमीनों पर ग्रीन बफर जोन डवलप करने के निर्देश दिए हैं। जहां बड़ी संख्या में पेड़ लगे हैं उस इलाके को ग्रीन एरिया घोषित कर पौधों का संरक्षण देने के भी निर्देश दिए गए हैं।

यूआईटी और नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि वह शहर में खाली पड़े इलाकों में ऑक्सीजोन विकसित करें। जहां पीपल और बरगद जैसे पेड़ बड़ी संख्या में लगाए जाएं। ऐसे में आईएल की हरियाली खत्म कर वहां आवासीय और व्यवसायिक योजना विकसित करने की राजस्थान सरकार की कोशिश सीपीसीबी के निर्देशों की अवहेलना मानी जाएगी।

OMG! सावधान! शावर और स्वीमिंग पूल में नहाने से पहले पढ़ लीजिए यह खबर, नहीं तो बहुत पछताएंगे आप

लगेगी सख्त पाबंदी
एक्शन प्लान में भारी यातायात वाले चौराहों पर नियमित फव्वारे चलाने, टै्रफिक कॉरिडोर के अतिरिक्त सड़क किनारे खाली पड़ी जमीनों पर ग्रीन बफर जोन डवलप करने, ग्रीन एरिया डवलप किए बिना स्कूल, हाउसिंग सोसाइटी और सामुदायिक भवनों को निर्माण अनुमति न देने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

Big News: कोटावासियों ध्यान दें, घर के बाहर लगे एसी पर कबूतर बैठा तो हो सकती है आपकी मौत

पालना कराएंगे
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि सीपीसीबी की ओर से भेजे गए एक्शन प्लान की पालना करने के लिए सभी जिम्मेदार विभागों को निर्देश भेज दिए गए हैं। हर हाल में इसकी पालना सुनिश्चित कराई जाएगी।

Published on: