
कोटा। निर्वाचन विभाग ने भले ही कोटा के महापौर के चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी हो, लेकिन भाजपा को निगम बोर्ड में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद महापौर को लेकर हलचल तेज हो गई है। ओबीसी महिला के लिए महापौर की सीट आरक्षित है। ऐसे में जो ओबीसी महिला पार्षद निर्वाचित होकर आई है वे भी सक्रिय हो गई है। महापौर के लिए कई नाम चर्चा में है।
वार्ड 98 की प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी प्रबल दावेदार मानी जा रही है। अनुसुईया वर्ष 2016 में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रह चुकी है। वे भाजपा महिला प्रदेश उपाध्यक्ष और भाजपा में प्रदेश मंत्री भी रही है। गोस्वामी समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी है। गोस्वामी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की कोर टीम में मानी जाती है। 51 वर्षीय गोस्वामी स्नातक तक शिक्षित है। पार्षद टिकट मिलने के साथ ही वे महापौर की दावेदार मानी जा रही है।
वार्ड 83 से सीमा चौधरी भाजपा की जमीनी कार्यकर्ता है। 53 वर्षीय सीमा स्नातकोत्तर के साथ फार्मेसी एक्सपर्ट है। दवा कारोबार से जुड़ी है। खास बात यह है कि सीमा चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के वार्ड से जीत दर्ज की है। खुद को ज्यादा सियासी अनुभव नहीं है, लेकिन उनके पति धीरेन्द्र चौधरी पिछले निगम बोर्ड में पार्षद रहे हैं।
वार्ड 64 से भाजपा प्रत्याशी प्रतिभा सुमन की सास व ससुर निगम की राजनीति में सक्रिय रहे है और पहले पार्षद भी रह चुके है। प्रतिभा माली समाज से आती है और क्षेत्र भी माली बहुल्य है। उनके पति पुलिस अधिकारी है। उन्होंने कांग्रेस समेत 5 निर्दलीय प्रत्याशियों को हराते हुए जीत दर्ज की है। प्रतिभा को खुद को ज्यादा सियासी अनुभव नहीं है, लेकिन परिवार को निगम की राजनीति का लम्बा अनुभव है।
वार्ड संख्या 10 से जीत हासिल करने वाली कमलेश बाई के परिवार की क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। वार्ड 80 से संजना झमटानी सिंधी समाज से आती है। सिंधी समाज भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। वार्ड 84 से प्रमिला वर्मा का परिवार भी भाजपा में लंबे समय से सक्रिय है। वार्ड 94 से दीपिका शर्मा चुनाव जीती है। दीपिका के पति प्रोपर्टी कारोबारी है। वार्ड 57 से सुनीता सेन ने भी जीत दर्ज की है।