
Kota : सुल्तानपुर नगरपालिका अध्यक्ष के लिए मतदान के दौरान हंगामा हुआ। यहां सबसे पहले कांग्रेस के 11 पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद पीपल्दा विधायक चेतन पटेल के साथ मतदान केंद्र पंचायत समिति परिसर पहुंचे थे। जहां पर थाने के पास ही रास्ते पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा रखी थी। वहां पार्षदों को पैदल ही अंदर प्रवेश दिया गया। विधायक समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी को अंदर प्रवेश नहीं देने के नियम का हवाला देकर वहीं रोक दिया। इसके करीबन एक घंटे बाद भाजपा के सभी 13 वार्ड पार्षद एक लग्जरी गाड़ी में मतदान केंद्र पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं थाने के पास ही बैरिकेड के समीप रास्ते में आगे खड़े हो गए। वे विरोध करने लगे कि जब हम पैदल गए हैं तो उन्हें भी पैदल ही जाना चाहिए।
विरोध और नारेबाजी के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता बस के आगे लेट गए। पुलिस ने लाठियां फटकार भगाया तो किसी ने पत्थरबाजी कर दी। भाजपा पार्षदों की ट्रैवलर गाड़ी का एक कांच टूट गया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां बजाकर सभी को साइड में किया।
इस दौरान भाजपा पार्षद ट्रैवलर में ही अंदर मतदान केंद्र तक पहुंचे और मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया। पुलिस ने पत्थरबाजी के आरोपी समेत छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़कर थाने में बिठा दिया। पीपल्दा विधायक चेतन पटेल की पुलिस से झड़प हुई और जबरन अंदर बैठाए हुए कार्यकर्ता को थाने से ले जाने लगे। वे पुलिस से उलझ गए। मामला बढ़ता देखकर पुलिस ने सभी को थाने के क्राइम रूम में बैठा दिया।
इसके बाद पीपल्दा विधायक समेत 4-5 पदाधिकारी थाने के बाहर ही धूप में धरने पर बैठे गए। विधायक चेतन पटेल ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। सत्ता के बल पर भाजपा लोकतंत्र का गला घोंट रही है। खाकी भी इनके साथ मिली हुई है। उधर, कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित पार्षद भी थाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भी लाठियां बजाकर भगा दिया।