कोटा के रामगंजमंडी की रेलवे कॉलोनी में हर ओर बदहाली पसरी हुई है। मूलभूत सुविधाओं की ट्रेन तक यहां डिरेल हो चुकी है।
रामगंजमंडी की रेलवे कॉलोनी में सड़कें कम गड्ढे ज्यादा हैं। सड़कों के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट के लिए खंभे तो लगे हैं, लेकिन उन पर लगी ट्यूबलाइट और बल्ब महीनों पहले फुंक चुके हैं। जिन्हें बदलने की किसी को सुध नहीं है और रात भर यहां अंधेरा पसरा रहता है। कभी रेलवे कॉलोनी का पार्क पूरे शहर के बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होता था, लेकिन वह भी बदहाल पड़ा है। जिसमें खेलना तो दूर कोई टहल तक नहीं सकता।
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बेजार हुआ पार्क
राजमगंजमंडी जंक्शन की रेलवे कॉलोनी का पार्क कभी हर वक्त गुलजार रहता था, लेकिन देखभाल ना होने के कारण अब यह बदहाल पड़ा है। रामगंजमंडी जंक्शन पर रेलवे की तरफ से इस पार्क को विकसित किया था। इसमें झूले, चकरी, फिसलपट्टी तथा इंटरलोकिंग करवाई थी। कुछ बेंचे भी लगाई, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने व रखरखाव के अभाव में पार्क बदलाल हो गया है। बारिश में उगी घास बढ़ गई है। अब बच्चे यहां खेलने आने के लिए कतराते हैं। यहां काफी पुराने पेड़ लगे हैं। अधिकारियों के कभी कभार यहां आने पर पार्क की सफाई व पौधारोपण जैसे कार्यक्रम होते हैं, लेकिन उसके बाद पौधों की सारसंभाल नहीं की जाती।
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खाली भूमि पर किया था विकसित
रेलवे स्टेशन के दोनों हिस्सों में कतारबद्ध कर्मचारियों के आवास बने हैं। इनमें स्टेशन अधीक्षक से लेकर कर्मचारियों के आवास हैं। रेलवे में करीब तीन सौ कर्मचारी यहां कार्यरत हैं। कर्मचारियों ने प्रयास करके मालगोदाम के सामने खाली पड़ी भूमि पर खेल मैदान विकसित किया था। मैदान के चारों तरफ लोहे की जालियां लगाई गई। मैदान में पालिका की नालियों का सीपेज होने से पानी भराव की समस्या है। इसके बावजूद कर्मचारी यहां नियमित खेलने आते रहे। रेलवे कर्मचारियों की प्रतियोगिताएं भी यहां हुई। लेकिन अब इस पर भी कंटीले पौधे उग आए हैं। इससे मैदान का स्वरूप बिगड़ गया है। रेलवे कर्मचारी यूनियन इस मैदान की दशा सुधारने की मांग भी कर चुकी है, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
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सड़क भी उखड़ गई
रेलवे कॉलोनी में सड़कें भी बदहाल हैं। मालगोदाम से रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले मार्ग में गड्ढे हैं। बरसाती पानी सड़क पर भरता है। रात में लोगों के यहां गिरने का अंदेशा रहता है। मार्ग पर सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था का अभाव है।