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OMG: एक ठोकर से ही उखड़ गई नहर

एक सप्ताह बाद चम्बल की दाईं व बाईं मुख्य नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। सीएडी प्रशासन नहरों का निर्माण पूरा कराने में लगा है।
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कोटा

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Zuber Khan

Sep 25, 2017

Chambal River Canals

बाई मुख्य नहर के केशवराय पाटन ब्रांच की चितावा डिस्ट्रीब्यूट्री में चल रहे घटिया निर्माण की एईएन बिरजुराम मीणा के सामने जांच करते चम्बल परियोजना समिति के सभापति सुनील गालव, उपसभापति अशोक नन्दवाना, किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूट्री के अध्यक्ष अब्दुल हमीद गौड।

कोटा . एक सप्ताह बाद चम्बल की दाईं व बाईं मुख्य नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। सीएडी प्रशासन दमादमी से नहरों का निर्माण कार्य पूरा कराने में लगा हुआ है। सीएडी के उच्च स्तरीय अधिकारियों ने एक्सईएन, एईएन, जेईन को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि किसी भी सूरत में सितम्बर के अंतिम सप्ताह तक माइनर, वितरिकाओं का निर्माण कार्य पूरा करवा दिया जाए।

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इसके बाद नहरों में जल प्रवाहित होने पर निर्माण कार्य नहीं हो पाएगा। एेसे में ठेकेदारों द्वारा दमादमी से निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें गुणवत्ता का कहीं भी ध्यान नहीं रखा जा रहा। यहां एेसा घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है कि लात मारते ही उखड़ गया।

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चम्बल परियोजना समिति के सभापति सुनील गालव, उपसभापति अशोक नंदवाना, किशनपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी के अध्यक्ष अब्दुल हमीद गौड़, सरकन्या जल उपयोक्ता समिति के अध्यक्ष रामेश्वर नागर, चितावा माइनर अध्यक्ष रामलाल मीणा ने सोमवार को सीएडी की दार्इं व बार्इं मुख्य नहर की एक दर्जन से अधिक वितरिकाओं, माइनरों की सफाई व निर्माण कार्यों का जायजा लिया। पाया गया कि ठेकेदारों द्वारा घटिया निर्माण किया जा रहा है।

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उन्होंने बाईं मुख्य नहर की केशवरायपाटन ब्रांच की चितावा माइनर में चल रहे निर्माण कार्योँ का जायजा लिया। माइनर को पक्का करने के लिए सीमेंट कंकरीट भी पूरा नहीं लगाया जा रहा। मिट्टी मिश्रित बजरी लगाई जा रही थी। वहीं सीमेंट की टूटी टाइल्स का उपयोग किया जा रहा था। टाइल्स के नीचे बिछाया जाने वाला सीमेंट तो एेसा था कि लात मारते ही उखड़ गया। निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग करने वाला कोई अभियंता मौके पर उपस्थित नहीं था। एेसा घटिया निर्माण पर प्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई।


एईएन, एक्सईएन को फटकार
घटिया निर्माण कार्य देख सभापति ने कड़ी नाराजगी जताई। एईएन बिरजूराम मीणा को मौके पर बुलाकर घटिया निर्माण दिखाया। निर्माण सामग्री के नमूने लिए। साथ ही निर्माण कार्य की रिपोर्ट तत्काल विभाग को सौंपने के निर्देश दिए। इस मामले की एक्सईएन पुरुषोत्तम चित्तौड़ा को शिकायत की तो वे भी दौड़े-दौड़े मौका स्थल पर पहुंचे। जिन्हें निर्माण सामग्री के नमूने दिखाए। इस बारे में सभापति गालव ने बताया कि नहरों के घटिया निर्माण कार्य की एसीबी में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। ठेकेदार के साथ अधिकारियों की भी मिलीभगत है।

घटिया निर्माण का आरोप गलत

निर्माण कार्यों की पूरी मॉनीटरिंग की जा रही है। अगर कहीं टाइल्स टूटी है तो उसे दुबारा लगवाया जाएगा। घटिया निर्माण सामग्री लगाने का आरोप गलत है। काली मिट्टी का दबाव कम करने के लिए ही नदी की मिट्टी मिश्रित रेत बिछाई जा रही है। जो गलत नहीं है।
सुरेंद्र बीजावत, एसई, बाईं मुख्य नहर, सीएडी