
कोटा. शहर में डेंगू का कहर फैला हुआ है। सरकारी व निजी अस्पतालों में रोगियों की भीड़ है। सरकारी अस्पतालों में स्थिति इतनी खराब है कि मरीजों को भर्ती करने तक की जगह नहीं है। एक बेड पर दो मरीज या कहीं बेंचों पर इलाज हो रहा है। शहर का शायद ही कोई मोहल्ला ऐसा होगा, जहां डेंगू पीडि़त नहीं हो।
अस्पतालों में इलाज तो अपनी जगह है, डेंगू पीडि़तों के रक्त में आई प्लेटलेट्स की कमी को दूर करने में कुछ खास फल यथा कीवी, नारियल पानी व पपीते के पत्ते खास भूमिका निभा रहे हैं। डॉक्टर भी इन फलों के सेवन की सलाह दे रहे हैं। तीमारदार भी महंगे मोल का फल कीवी मरीजों को खिला रहे हैं। डेंगू का प्रकोप देख फल विक्रेताओं ने इनके दाम बढ़ा दिए हैं।
बढ़ गई खपत
कोटा थोक फ्रूट एंड वेजिटेबल मर्चेंट संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक बाटवानी ने बताया कि डेंगू के चलते डॉक्टर कीवी व नारियल पानी लेने की सलाह दे रहे हैं। इसके चलते दोनों फलों की खपत तीन गुना तक बढ़ गई है। कीवी पहले रोजाना 100 पैकेट बिकता था, जो इन दिनों 300 से अधिक बिक रहा है। नारियल पानी की खपत रोजाना 5000 से बढ़कर 15000 नग हो गई है। बढ़ती मांग के चलते रिटेल में दोनों फलों के दामों में तेजी आ गई है।
एक्सपर्ट व्यू
कीवी में पोटेशियम, मैंग्नीशियम, विटामिन बी, सी, फाइबर, ल्यूटिन की मात्रा पाई जाती है, जो डेंगू के अलावा हर रोगी के लिए फायदेमंद है। डेंगू के अलावा अन्य रोगी भी कीवी का सेवन करें तो शरीर में ऊर्जा का संचार होगा। पपीता के पत्तों के रस की बात करें तो प्राथमिक तौर पर पाया गया है कि इसमें एंटी वायरस प्रॉपर्टी पाई जाती है, जो डेंगू जैसे घातक वायरस को शरीर में पनपने से रोकती है। साथ ही, रक्त में श्वेत रक्त कणिकाओं व प्लेटलेट्स की मात्रा तेजी से बढ़ाती है।
डॉ. मनोज सलूजा, वरिष्ठ फिजिशियन, न्यू मेडिकल कालेज अस्पताल, कोटा
फैक्ट फाइल
1. 500 से अधिक मरीज शहर के सरकारी अस्पतालों में भर्ती।
2. 300 रुपए रोजाना प्रत्येक मरीज पर फल का खर्चा
3. 250 रुपए का प्रति पैकिट किवी रिटेल में।
4. 140 रुपए का प्रति पैकिट किवी थोक में
5. 25 रुपए प्रति नग रिटेल
में नारियल पानी।
6. 20 रुपए प्रति नग थोक में नारियल पानी।
7. 15000 नारियल पानी की रोजाना होती है खपत।
Updated on:
09 Oct 2018 08:13 pm
Published on:
24 Sept 2017 05:42 pm
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