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​​​​​Kota Maternal Deaths Case: कोटा में प्रसूताओं की मौत पर सख्त हुए ओम बिरला, अब दिल्ली AIIMS से आएगी टीम

Kota Hospital News: कोटा के अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और बढ़ते संक्रमण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता बढ़ने पर अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खुद समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
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May 12, 2026
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला। फोटो- पत्रिका

कोटा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सीएडी सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ओम बिरला ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लेते हुए मामले को बेहद संवेदनशील बताया और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे मामले में जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त एसओपी और प्रोटोकॉल तैयार किए जाएं।

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समिति गठित करने के निर्देश

बैठक में यह भी तय किया गया कि दिल्ली एम्स और अन्य केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टर कोटा और बूंदी के अस्पतालों का दौरा करेंगे। यह टीम ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण रोकने, चिकित्सा व्यवस्थाओं की जांच करने और जरूरी सुधारों के सुझाव देगी।

इसके अलावा संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो अस्पतालों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने के लिए रोडमैप तैयार करेगी। ओम बिरला ने अस्पतालों में साफ-सफाई, नर्सिंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आमजन का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बना रहे।

चार प्रसूताओं की मौत

गौरतलब है कि कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी संक्रमण से चार प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। वहीं दो महिलाओं की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जबकि चार अन्य का इलाज चल रहा है। मामले ने पूरे प्रदेश में चिंता बढ़ा दी है। हैरानी की बात यह है कि प्रसूताओं की मौत का पहला मामला सात दिन पहले सामने आया था, लेकिन अब तक चिकित्सा प्रशासन ने मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं किया है।

नहीं सार्वजनिक हुई रिपोर्ट

चार प्रसूताओं में से केवल एक का पोस्टमॉर्टम कराया गया और उसकी रिपोर्ट भी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उधर, जयपुर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम फिर कोटा पहुंची और मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। संक्रमण बढ़ने के बाद नए अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की भर्ती फिलहाल बंद कर दी गई है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस का पहरा भी लगाया गया है।

Published on:
12 May 2026 05:54 pm