Kota News: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच गैस सिलेंडरों की कमी से शहर में तीन दिन में 25 हजार से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। इसका असर होटल, मैस, हॉस्टल और शादी-विवाह से जुड़े व्यवसायों पर साफ दिखाई देने लगा है।
LPG Shortage: अमरीका-ईरान युद्ध के चलते देशभर में LPG गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इसका असर कोटा में भी दिखाई देने लगा है। ऑयल कंपनियों की ओर से मंगलवार को कोटा में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं की गई। इसके चलते गैस एजेंसियों ने भी कॉमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी बंद कर दी है। इसका असर अब शादी समारोहों से लेकर होटल, हॉस्टल, मैस और मिठाइयों की दुकानों पर पड़ने लगा है।
घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग भी अब डिलीवरी के 21 दिन बाद ही ऑनलाइन की जा रही है। एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत के चलते तीन दिन में बुकिंग का आंकड़ा 25 हजार से अधिक हो गया है। फिलहाल ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।
गैस सिलेंडरों की अचानक बढ़ी मांग के कारण गैस एजेंसियों पर दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है, जिससे एजेंसी संचालक भी परेशान हैं। शहर के सभी एजेंसी संचालकों ने मंगलवार को बैठक कर उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की। उनका कहना है कि कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की किसी को भी डिलीवरी नहीं देने के निर्देश दिए हैं।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने के कारण शहर में हलवाई और ओपन मैस संचालकों ने तंदूरों का उपयोग शुरू कर दिया है।
हाड़ौती हलवाई-कैटरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन माहेश्वरी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगाए जाने से हाड़ौती क्षेत्र में चल रहे शादी-विवाह सीजन के बीच कैटरिंग व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गैस की कमी के कारण हलवाइयों और कैटरर्स के सामने भोजन तैयार करने को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे विवाह समारोहों की व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। हाड़ौती हलवाई-कैटरर्स एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई बहाल की जाए।
होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, महासचिव संदीप पाडिया ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दिए जाने से भारी संकट खड़ा हो गया है। इससे कोटा शहर में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कचौड़ी-नमकीन की दुकानों, खोमचे वालों तथा शादी सीजन को देखते हुए हलवाई और कैटरिंग व्यवसायियों के सामने गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल उचित कदम उठाकर गैस की आपूर्ति सुचारू करनी चाहिए। इस तरह जीवन से जुड़ी अति आवश्यक वस्तु की आपूर्ति अचानक रोक देना किसी भी दृष्टिकोण से व्यावहारिक नहीं है।
राजस्थान सरकार को कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए। खासतौर पर जयपुर, कोटा और सीकर जैसे प्रमुख कोचिंग शहरों में राहत दी जानी चाहिए। यदि गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ती है तो कोचिंग छात्रों के सामने भोजन का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। कोटा में ही लगभग 500 मैस और करीब 4 हजार हॉस्टल संचालित हो रहे हैं, जहां हजारों विद्यार्थी भोजन की व्यवस्था के लिए मैस पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी होने पर मैस और हॉस्टल संचालकों के लिए व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा और विद्यार्थियों को समय पर भोजन मिलना भी प्रभावित हो सकता है। सरकार को इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोचिंग शहरों में विशेष राहत देने पर विचार करना चाहिए, ताकि छात्रों और हॉस्टल संचालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नवीन मित्तल, अध्यक्ष, कोटा हॉस्टल एसोसिएशन
कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध नहीं लगाने की मांग को लेकर कोटा मैस एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से मैस संचालन पर सीधा असर पड़ेगा। फिलहाल एक-दो दिन तक किसी तरह व्यवस्था चल सकती है, लेकिन इसके बाद स्थिति गंभीर हो सकती है। यदि समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हुए तो हजारों विद्यार्थियों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
विजय जैन, मैस व हॉस्टल संचालक