कोटा

आयोजनों में माइक-साउंड लगाकर चलाते थे परिवार, ग्रामीणों के आग्रह पर लड़ा चुनाव, 864 वोट हासिल कर मनोज रावल बने सरपंच

Kota Sarpanch Election Result 2026: माइक-साउंड की व्यवस्था कर अपने परिवार की आजीविका चलाने वाले मनोज रावल अब बूढ़ादीत ग्राम पंचायत की कमान संभालेंगे। शनिवार को घोषित सरपंच चुनाव के परिणाम में ग्रामीणों ने उन पर भरोसा जताते हुए जीत का सेहरा बांधा।
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Updated: 25 Oct 2026, 3:10 PM IST
Budhadit Sarpanch Election
Kota Budhadit Sarpanch Election Manoj Rawal (फोटो पत्रिका)

Kota Sarpanch Election Result 2026: बूढ़ादीत (कोटा)। गांव के सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में माइक-साउंड की व्यवस्था कर अपने परिवार की आजीविका चलाने वाले मनोज रावल अब बूढ़ादीत ग्राम पंचायत की कमान संभालेंगे। शनिवार को घोषित सरपंच चुनाव के परिणाम में ग्रामीणों ने उन पर भरोसा जताते हुए जीत का सेहरा बांधा। राजनीति से दूर रहे परिवार के मनोज को अब गांव के विकास और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी मिली है।

मनोज रावल का अब तक का जीवन गांव में होने वाले सामाजिक और धार्मिक आयोजनों से जुड़ा रहा है। वे इन आयोजनों में माइक-साउंड की व्यवस्था कर मेहनत से परिवार का पालन-पोषण करते रहे। उनके परिवार का राजनीति से कोई खास जुड़ाव नहीं रहा, लेकिन ग्रामीणों के बीच उनके व्यवहार और मेलजोल ने उन्हें पहचान दिलाई।

ग्रामीणों के आग्रह पर चुनाव लड़ने को हुए तैयार

ग्राम पंचायत में सरपंच का पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद चुनाव को लेकर गांव में नए चेहरे की तलाश शुरू हुई। इसी दौरान ग्रामीणों ने मनोज रावल को उनके व्यवहार और लोगों से जुड़ाव के आधार पर चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में राजनीति से दूर रहने वाले मनोज ग्रामीणों के आग्रह और समर्थन के बाद चुनाव मैदान में उतरने को तैयार हो गए। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें ग्रामीणों का साथ मिला। शनिवार को मतगणना के बाद यह समर्थन नतीजों में भी नजर आया।

206 मतों के अंतर से जीत

मतगणना में मनोज रावल को 864 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवप्रकाश को 658 मत प्राप्त हुए। इस तरह मनोज ने 206 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। बूढ़ादीत ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे।

यह जीत मनोज के लिए केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीणों के भरोसे की जिम्मेदारी भी है। अब गांव की बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और आमजन की समस्याओं के समाधान की दिशा में उन्हें काम करना होगा। आयोजनों में माइक-साउंड लगाकर परिवार चलाने वाले मनोज के सामने अब ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती है।

इनपुट- रामअवतार शर्मा

Updated on:
25 Oct 2026, 3:10 PM IST
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