कोटा के MBS हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने एक जटिल और दुर्लभ मामले में 11 साल की बच्ची की जान बचाई। MP के श्योपुर जिले से आई इस बच्ची की श्वास नली में पिन फंस गई थी।
Kota MBS Hospital Endoscopy: कोटा के एमबीएस अस्पताल के ईएनटी विभाग में शुक्रवार को एक जटिल और दुर्लभ मामले में 11 साल की बालिका की जान बचाई गई। दरअसल मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की रहने वाली इस बच्ची की श्वास नली (ट्रेकिया) में एक पिन फंस गई थी, जिससे उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी।
बच्ची के परिजनों के अनुसार बच्ची ने गलती से एक पिन मुंह में दबा ली थी, जो सांस लेने के दौरान सीधे श्वास नली में चली गई और उसे सांस लेने में समस्या होने लगी।
कोटा के एमबीएस अस्पताल के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार ने बताया कि एक्स-रे में पिन की स्थिति को देखा गया जो लगभग एक इंच लंबी थी और एक सिरे पर प्लास्टिक का मोतीनुमा हिस्सा था।
डॉक्टर्स ने तुरंत उपचार की योजना बनाई और बच्ची को अस्पताल में भर्ती किया। इसके बाद एंडोस्कोपी के जरिए एनेस्थीसिया देकर महज दो मिनट से भी कम समय में पिन को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया।
अगर समय रहते पिन नहीं निकलती तो बच्ची के श्वसन में रुकावट आ सकती थी और गंभीर संक्रमण का खतरा भी था। लेकिन डॉक्टर्स की तत्परता और सही उपचार के कारण बच्ची की जान बच गई। फिलहाल, बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और शनिवार को उसकी जांच के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।
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