कोटा

संभाग के सबसे बड़े अस्पताल के दो रूप, एक ओर बदहाली, तो दूसरी ओर खुशहाली

कोटा. संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सालय एमबीएस अस्पताल। लेकिन यहां सफाई व्यवस्था बद से बदत्तर है। दीवारों पर की जा रही चित्रकारी से आई सुंदरता।
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Updated: 28 Nov 2017, 9:09 PM IST
MBS Hospital Kota

बदहाली

संभाग का सबसे बड़ा चिकित्सालय एमबीएस अस्पताल। जहां शहर ही नहीं अपितु आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग उपचार कराने आते हैं। लेकिन यहां सफाई व्यवस्था बद से बदत्तर है। चिकित्सालय परिसर में गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। उस पर अब मुसीबत बन रहा सिवरेज का गंदा पानी। पिछले पांच दिन से सिवरेज का पानी एमबीएस के मुख्य द्वार पर जमा है, जिसके चलते रोगियों और उनके तिमारदारों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ओपीडी में दिखाने आने वाले मरीज बदबू से परेशान हो रहे हैं। चिकित्सालय में सालों से सिवरेज की समस्या है, जिसका अभी तक कोई स्थाई समाधान नहीं हुआ। अस्पताल में नालियां चोक होने लगी हैं। वहीं वार्डों में भी सिवरेज की समस्या बढ़ती जा रही है, जिसके चलते अस्पताल परिसर में बने सिवरेज चेंबर जाम हो गए हैं।

78 चेम्बरों की हो रही सफाई

एमबीएस में सिवरेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए सभी चेम्बरों को साफ किया जा रहा है। अस्पताल परिसर में 78 चेम्बरों की सफाई होगी। इसके बाद जो भी छोटे-बड़े चेम्बर हैं उन्हें भी साफ किया जाएगा। इस कार्य को पूरा होने में करीब 15 दिन लग सकते हैं।

एमबीएस अधीक्षक डॉ. पीके तिवारी का कहना है कि सिवरेज के चेम्बरों की सफाई की जा रही है, जिसके चलते गंदा पानी अस्पताल के मुख्य द्वार भर गया होगा। एक-दो दिन में इसकी भी सफाई हो जाएगी।

खुशहाली

एमबीएस की दीवारों पर लुभा रही राजस्थानी लोक कला

कोटा. रिक्रिएटिंग कोटा अभियान के तहत शहर की मुख्य दीवारों पर की जा रही चित्रकारी से सुंदरता बढऩे लगी है। जिन दीवारों के पास कचरे के ढेर हुआ करते थे, वहां अब प्रेरणास्प्रद चित्र लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुरा के व्याख्याता डॉ. राजेन्द्र बैरागी के मार्गदर्शन में एमबीएस की दीवार पर की जा रही राजस्थानी लोक संस्कृति की चित्र लोगों को लुभा रहे हैं। अभियान के सचिव मुख्य आयोजना अधिकारी जेपी महावर ने बताया कि अन्य दीवारों पर भी चित्रकारी की जाएगी।

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