कोटा

मोदी सरकार ने दी किसानों को बड़ी खुशखबरी, राजस्थान के इस जिले में खुलेगा पहला ‘प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र’

Central Government Good News: कोटा संभाग के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कृषि विश्वविद्यालय कोटा के उम्मेदगंज केंद्र पर राजस्थान का पहला ‘प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने को मंजूरी दे दी है।

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Mar 20, 2026
फोटो: पत्रिका

Centre of Excellence for Natural Farming: केंद्र की मोदी सरकार ने भामाशाहमंडी के विस्तार की सौगात देने के दूसरे दिन कृषि के क्षेत्र में कोटा संभाग के किसानों को नवाचार से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल की है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आइसीएआर) ने कृषि विश्वविद्यालय कोटा के कृषि अनुसंधान केंद्र, उम्मेदगंज में प्राकृतिक खेती उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी है। यह राजस्थान का पहला केंद्र होगा।

इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए फसलों की नई तकनीक विकसित करना और कृषि नवाचारों पर अनुसंधान कार्य किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय रूप से उपलब्ध वनस्पति सामग्री की पहचान कर कीट नियंत्रण के लिए एवं फसलों के पोषण के लिए विभिन्न तरल खादों पर अनुसंधान कार्य करना है।

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प्राकृतिक खेती में खरपतवार प्रबन्धन पर भी अनुसंधान कार्य किया जाएगा, ताकि अच्छा उत्पादन लिया जा सके । कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने बताया कि इस परियोजना के स्वीकृत होने से सतत एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा । साथ ही उत्कृष्टता केन्द्र पर प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों का विकास, अनुसंधान एवं प्रसार किया जाएगा, ताकि किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भर नही रहना पड़े ।

लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा

निदेशक अनुसंधान डॉ.एम.सी. जैन ने कहा कि प्राकृतिक खेती से लागत में कमी आएगी, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन बढ़ेगा । परियोजना प्रभारी एवं क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. बी.एस. मीणा ने बताया कि इस उत्कृष्टता केन्द्र से हाड़ौती क्षेत्र में रसायन मुक्त गो आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी ।

ये है मुख्य उद्देश्य

इस परियोजना में कृषि महाविद्यालय, कोटा के एमएससी और पीएचडी. छात्रों को भी शोध कार्य करवाया जाएगा । किसानों को जागरूक करना और उत्पादन लागत में कमी करना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। परियोजना के सह प्रभारी डॉ. श्रवण कुमार यादव, डॉ. बी.के. पाटीदार , डॉ. सी.बी. मीणा, डॉ. एस.एन. मीणा, डॉ. एल.के. मीणा, डॉ. आर.के. यादव, डॉ. सोनल शर्मा एवं डॉ. ज्योति कंवर रहेंगे ।

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Updated on:
20 Mar 2026 11:17 am
Published on:
20 Mar 2026 11:09 am
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