
कोटा. जवाहर नगर थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय बालिका के उसकी मां और दो युवकों द्वारा प्रताडि़त किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बालिका को एक हॉस्टल से दस्तयाब कर लिया, लेकिन बालिका ने मां के साथ जाने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार जवाहर नगर निवासी 14 वर्षीय बालिका से 1 जनवरी को उसकी मां ने मारपीट की थी, मां ने उसे इतना मारा कि उसका दांत टूट गया। उसे जलाने की धमकी दी। इसके बाद बालिका घर से भाग निकली और एक हॉस्टल में काम कर 18 दिन गुजारा किया। इसके बाद एक व्यक्ति के मोबाइल से उसने मां को फोन किया तो मां की ओर से जवाहर नगर थाने में दर्ज गुमशुदगी के आधार पर पुलिस ने बालिका को दस्तयाब किया।
पुलिस ने 19 जनवरी को बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। इस पर उसे बालिका गृह भेज दिया। समिति ने उसकी लगातार काउंसलिंग की। इस पर पांच दिन बाद 24 जनवरी को उसने पूरे मामले की जानकारी दी। उसने बताया कि मां के साथ दो युवकों ने उसे शराब पिलाई औश्र जबरदस्ती का प्रयास किया। समिति ने जवाहर नगर पुलिस को बालिका के बयान के अनुसार मामला दर्ज करने के निर्देश दिए, लेकिन जांच अधिकारी ने 2 फरवरी तक मामला दर्ज नहीं किया। जब समिति सदस्यों ने बालिका की ओर से प्रकरण दर्ज करने के निर्देश की बात कही तो जांच अधिकारी ने उन्हें डाक से निर्देश भेजने को कहा। इस पर 3 फरवरी को समिति पदाधिकारियों ने बालिका के साथ जाकर सिटी एसपी दीपक भार्गव को परिवाद सौंपा।
एसपी ने जवाहर नगर पुलिस को तुरंत मामला दर्ज करने के आदेश दिए। इस पर पुलिस ने 3 फरवरी की रात मामला दर्ज कर लिया, लेकिन इसमें पोक्सो की धारा जोड़कर तुरन्त कार्रवाई करने के स्थान पर कमजोर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में ले लिया। इसके चलते पांच दिन बाद शनिवार तक बालिका के बयान नहीं हो पाए।
बालिका ने पिछले माह मां के खिलाफ प्रताडि़त करने की शिकायत दी थी। इस मामले में जांच के बाद एफआर लगा दी। अब एसपी के आदेश पर मां व अन्य युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
प्रमेन्द्र रावत, थानाधिकारी, जवाहर नगर