कोटा

फ्री पाकिंग के लिए कोटा दशहरा मेले में चले चाकू, पार्किंग संचालक की हत्या

दशहरा मेले में रविवार आधी रात 15-20 युवकों ने पार्किंग संचालक को घेरकर चाकूओं से गोद दिया। पार्किंग संचालक की हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई।
2 min read
Oct 16, 2017
Dussehra fair kota, vehicle stand contractor Murder, Murder in kota Dussehra fair, kota police, crime in kota, crime news kota, rajasthan patrika, kota patrika, patrika news. kota news
Murder of vehicle stand contractor at Dussehra fair kota

इस बार अराजकता की भेंट चढ़े कोटा दशहरा मेले पर रविवार की रात हत्या का दाग भी लग गया। रविवार देर रात मेला स्टेंड पर फ्री में बाइक पार्क करने का विवाद इतना बढ़ गया कि 15-20 युवकों ने स्टेंड संचालक को चाकुओं से गोद डाला। हॉस्पिटल ले जाते समय पार्किंग संचालक की मौत हो गई। पुलिस ने पार्किंग संचालक पर हमला करने वाले कुछ युवकों भी धर दबोचा है।

पार्किंग शुल्क मांगने पर हुआ था विवाद

रविवार की रात करीब 12.20 बजे युवकों का एक गुट दशहरा मेला घूमने आया। इस गुट ने मेला स्टेंड पर अपनी बाइक पार्क की और जाने लगा। जिस पर स्टेंड का ठेका लेने वाले 55 वर्षीय संचालक मुकुट बिहारी ने इन युवकों को रोककर पार्किंग की पर्ची कटवाने के लिए कहा, लेकिन पार्किंग शुल्क देने के बजाय युवक मुकुट बिहारी से मारपीट करने पर उतारू हो गए। फ्री में वाहन पार्क करने को लेकर झगड़ा इतना बढ़ा कि पुलिस को भी दखल देना पड़ा। मेला ड्यूटी पर तैनात हैड कांस्टेबल अनूप सिंह ने स्टेंड संचालक से झगड़ा कर रहे दो युवकों को पकड़ कर किशोरपुरा थाने भेज दिया।

पुलिस के जाते ही कर दिया हमला

दशहरा मेला स्टेंड पर मुफ्त में बाइक खड़ी करने से रोकने पर झगड़ा करने वाले युवकों को लेकर जैसे ही पुलिस वहां से गई, उसके 10 मिनट बाद ही 15-20 युवकों का गुट स्टेंड पर आ धमका और स्टेंड संचालक मुकुट बिहारी को घेर लिया। मौके पर मौजूद लोग बीच-बचाव करते इससे पहले ही इन युवकों ने मुकुट बिहारी पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर डाले। मुकुट बिहारी को चाकुओं से गोदने के बाद युवक वहां से भाग निकले। इसके बाद जैसे-तैसे उन्हें निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें एमबीएस हॉस्पिटल रैफर कर दिया गया। जहां ले जाते समय मुकुट बिहारी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

5 दिन के ठेके ने ले ली जान

कोटा नगर निगम दशहरा मेला कमेटी ने जिस ठेकेदार को पार्किंग का ठेका दिया था, वह पैसे जमा कराए बिना भी भाग गया था। उसके डिफॉल्टर होने के बाद कमेटी ने साढ़े चार लाख रुपए में नया ठेका किया। इस नए ठेकेदार से मुकुट बिहारी ने आशापुरा माता मंदिर ब्लॉक की पार्किंग का 5 दिन का पेटी ठेका 55 हजार रुपए में लिया था। जो उसकी मौत की वजह बन गया।

पुलिस ने दी दबिश

पार्किंग ठेकेदार की हत्या होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन-फानन में पहले से हिरासत में लिए हुए लड़कों से पूछताछ कर आरोपितों को चिन्हित करना शुरू किया और उनकी गिरफ्तारी के लिए रात भर दबिश डाली गई, लेकिन रात में पुलिस को कोई खास सफलता हाथ नहीं लग सकी।

Published on:
16 Oct 2017 09:05 am