कोटा

Rajasthan: खाद्य सुरक्षा से नाम हटवाने के लिए अपात्रों को एक और मौका, अब इस तारीख तक खुद ही हटवा सकेंगे नाम

National Food Security: राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों को स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए एक और मौका दिया है।
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Jun 06, 2025
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Photo- Patrika

कोटा। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने वाले अपात्र लोगों को स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए एक और मौका दिया है। इसके बाद अपात्र लोगों से वसूली की जाएगी। खाद्य सुरक्षा में स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए गिवअप अभियान की अवधि बढ़ाकर 30 जून तक कर दी है। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 मई थी।

अभियान के तहत प्रदेश में 61588 लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से अपने नाम हटवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए हैं। 30 मई तक जिला रसद अधिकारियों के स्तर पर 57612 आवेदन पत्रों की प्रोसेसिंग शुरू कर दी है।

गिव अप के आवेदन में नागौर अव्वल

विभाग से मिले आंकड़ों पर गिवअप अभियान में खाद्य सुरक्षा की सब्सिड़ी छोड़ने के लिए स्वयं ऑनलाइन आवेदन करने वालों में नागौर पहले नम्बर पर है। यहां 30 मई तक 5635 लोगों ने आवेदन किया है। दूसरे नम्बर पर सीकर है, यहां 5536 लोगों ने खाद्य सुरक्षा छोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।

कोटा में सिर्फ 1175 ने आवेदन किए

खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोटा में सिर्फ 1175 लोगों ने ही खाद्य सुरक्षा छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। कोटा शहरी और ग्रामीण जिला रसद विभाग की टीमें अपात्र लोगों को चिह्नित कर रही हैं। इससे अपात्रों की सूची लम्बी हो सकती है। सरकार ने खाद्य सुरक्षा का जो दायरा तय किया है, उसमें कोटा में बड़ी संख्या में लोग अपात्र की श्रेणी में आ रहे हैं।

इनका कहना है

गिवअप अभियान की अवधि बढ़ाकर 30 जून तक दी है। इसमें लाभार्थियों से खाद्य सुरक्षा योजना से स्वेच्छा से अपना नाम हटाने का मौका दिया है।
-कुशाल बिलाला, जिला रसद अधिकारी द्वितीय कोटा

यह है प्रावधान

खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह निर्धारित प्रावधान के अनुसार गेहूं का वितरण कराया जाता है। खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के सम्बन्ध में निर्धारित मापदंड राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 अनुसूची में तय है। इसमें परिवार जिसमें कोई आयकर दाता हो, परिवार का कोई सदस्य सरकारी/अर्ध सरकारी/स्वायत्तशासी संस्थाओं में कर्मचारी/ अधिकारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक परिवार आय हो एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चौपहिया वाहन हो (ट्रैक्टर आदि जीविकापार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोड़कर) निष्कासन सूची में सम्मलित है।

Updated on:
06 Jun 2025 07:44 am
Published on:
06 Jun 2025 07:44 am