
कोटा। नए शहर में न्यू कोटा रेलवे स्टेशन (डकनिया) अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनकर तैयार है। यहां यात्रियों को एयरपोर्ट और मॉल जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेगी। करीब चार साल से चल रहे पुनर्विकास कार्य के बाद स्टेशन की सूरत पूरी तरह बदल गई है। रेलवे के अनुसार करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अक्टूबर में स्टेशन को पूरी तरह तैयार कर यात्रियों को समर्पित करने की तैयारी है। न्यू कोटा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 132 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। इनमें से 111.18 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया।
अगस्त 2022 में शुरू हुआ काम जनवरी 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण में देरी के चलते अब अक्टूबर की नई समय-सीमा तय की गई है। न्यू कोटा रेलवे स्टेशन को ‘न्यू इंडिया’ थीम पर विकसित किया गया है। स्टेशन की सबसे खास सुविधाओं में 75 मीटर लंबा और 36 मीटर चौड़ा कॉनकोर्स है। करीब 2700 वर्गमीटर क्षेत्र में फैले इस कॉनकोर्स से यात्री आसानी से एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे। एक समय में 500 से अधिक यात्रियों की आवाजाही हो सकेगी। प्लेटफॉर्म भी पहले की तुलना में चौड़े किए गए हैं और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच ऊंचाई का अंतर कम रखा गया है। सभी प्लेटफॉर्म को कवर किया गया है।
नए स्टेशन पर कुल 9 एस्केलेटर हैं। इनमें 5 कॉनकोर्स के एंट्री-एग्जिट क्षेत्र में और 4 प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 8 लिफ्ट भी लगाई गई हैं, जिनमें 2 पैनोरमिक ग्लास लिफ्ट शामिल हैं। एस्केलेटर का काम अंतिम चरण में है, जबकि लिफ्ट स्थापित की जा चुकी हैं।
स्टेशन के अंदर यात्रियों को बेहतर वातावरण देने के लिए टीएफए यानी ट्रीटेड फ्रेश एयर सिस्टम लगाया गया है। वेंटिलेशन फैन अंदर की हवा बाहर निकालेंगे, जबकि टीएफए सिस्टम बाहर की ताजी हवा अंदर पहुंचाएगा। डक्ट सिस्टम, चार दर्जन से अधिक एसी और एचवीएलएस फैन पूरे कॉनकोर्स सहित एंट्री-एग्जिट क्षेत्र को कवर करेंगे। बिजली की खपत कम करने के लिए सोलर पैनल भी लगाए गए हैं और उन्हें कनेक्शन दिया जा चुका है।
संजय नगर की ओर फ्रंट बिल्डिंग में 120 वर्गमीटर का वातानुकूलित वेटिंग रूम और पहली मंजिल पर 180 वर्गमीटर का सामान्य प्रतीक्षालय है। सूर्य नगर की ओर रियर बिल्डिंग में 90 और 145 वर्गमीटर के वेटिंग हॉल बनाए गए हैं। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर वीआईपी लाउंज भी तैयार किया गया है।
स्टेशन पर फूड कोर्ट का प्रावधान है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के रेस्तरां भी शामिल किए जाने की योजना है। गेमिंग जोन का प्रावधान भी प्रस्तावित है। इसके अलावा पे-एंड-यूज टॉयलेट, स्वच्छ पेयजल बूथ, आधुनिक टिकटिंग क्षेत्र और आकर्षक पेंटिंग्स व कलाकृतियां स्टेशन को नया लुक देंगी।
पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या तीन से बढ़कर चार हो गई है। बारिश में यात्रियों को बचाने के लिए करीब 100 मीटर लंबी और 75 मीटर चौड़ी थ्रू रूफ बनाई गई है। तीन डॉरमेट्री भी तैयार की गई हैं, जिनमें एक फ्रंट और दो रियर बिल्डिंग में हैं। प्रत्येक की क्षमता 25 से 50 यात्रियों के बीच है।
वर्तमान में नए कॉनकोर्स से यात्रियों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। फ्रंट और रियर दोनों ओर सर्कुलेटिंग एरिया में पार्किंग का उपयोग किया जा रहा है। वेटिंग एरिया और रिटायरिंग रूम में फिनिशिंग का काम जारी है, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर दो के कुछ हिस्सों में निर्माण बाकी है। फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और स्मोक डिटेक्टर जैसी व्यवस्थाओं से पूरे परिसर को सुरक्षित बनाने पर भी जोर दिया गया है।