कोटा

खून जमा देने वाली सर्दी में स्कूल जा रहे नौनिहाल

बूंदी. शहर में इस कदर सर्दी पड़ रही है कि हमें रजाई छोडऩे से पहले भी सोचना पड़ता हँै वहीं बच्चे सर्दी में स्कूल जाने को मजबूर हैं।

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Jan 03, 2018

बूंदी. शीतकालीन अवकाश के बावजूद शहर में कई निजी स्कूलों के संचालकों ने सरकार व शिक्षा विभाग के आदेश व नियमों को ताक पर रखकर स्कूल खोलकर लिए। सरकार के आदेशों की अवेहलना की जा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्रवाई की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सरकार व बीकानेर निदेशालय ने सभी जिलों में स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल नहीं खुलने के सख्त आदेश जारी कर रखे हैं। बावजूद इसके निजी स्कूल संचालकों ने मनमर्जी से स्कूल खोले हैं। मंगलवार सुबह घने कोहरे व कंडाके की सर्दी में नन्हंे-मुन्ने बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। कुछ अभिभावक अपने बच्चों को वाहनों पर कम्बल व चादर ओढ़ाकर स्कूल लेकर आए तो कई बच्चे पैदल ठिठुरते हुए पहुंचे।

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यह है नियम
राज्य सरकार व शिक्षा विभाग ने शिविरा पंचाग में दिसम्बर में सर्दी के चलते २२ दिसम्बर से ७ जनवरी तक १५ दिन का शीतकालीन अवकाश घोषित किया हुआ है। इस तिथि के बीच कोई स्कूल संचालित नहीं कर सकता। यदि कोई स्कूल खोलता है तो संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश हैं।

छाया रहा कोहरा
नववर्ष के आगाज के साथ ही हाड़ौती में सर्दी का असर एकदम से बढ़ गया है। मंगलवार को ५-६ किलोमीटर की रफ्तार से हवाओं का दौर जारी रहा। इसके चलते तापमापी के पारे में भी गिरावट देखी गई। बूंदी शहर में सुबह नौ बजे तक कोहरा छाया रहा। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। २४ घंटे में कोटा का तापमान भी गिरा। न्यूनतम ८.२ डिग्री रह गया। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय कोहरे के चलते लोगों को सामने से आने वाले वाहन नजर नहीं आ रहे हैं। इससे कई बार दुर्घटना की आशंका हो जाती है। वाहन की हेड लाइट में सामने से आना वाला वाहन नजर नहीं आ पाता है। जिससे वाहन चालक को काफी परेशानी होती है। दिन में भी कोहरे का असर बना रहता है। जिससे आवागमन में दिक्कत होती है।

Published on:
03 Jan 2018 10:30 am
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