कोटा

नर्सिंग छात्रों ने एक-दूसरे को लगाए स्‍मैक के इंजेक्शन, एक की मौत

बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में नशे का हाईडोज इंजेक्शन लगाने से देर रात को एक नर्सिंग छात्र की मौत हो गई।

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Mar 15, 2018
Nursing students impede each other, one dead
Nursing students impede each other, one dead

कोटा . बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में नशे का हाईडोज इंजेक्शन लगाने से देर रात को एक नर्सिंग छात्र की मौत हो गई। छात्र और उसके दोस्त ने एक दूसरे के इंजेक्शन लगाए थे। पुलिस ने गुरुवार को पोस्ट मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।


थाने के एएसआई भीमराज सिंह ने बताया कि भरतपुर के रहीमपुर निवासी अनिल कुमार(20) नर्सिंग प्रथम वर्ष का छात्र था। वह बुधवार रात को ही बजरंग नगर में अपने दोस्त सुनील कुमार के कमरे पर आया था। जहां देर रात को अनिल की तबीयत खराब होने पर उसका दोस्त उसे लेकर एमबीएस अस्पताल गया। जहां देर रात को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रात को उसका शव मोर्चरी में रखवा दिया था। सुनील ने ही अनिल के परिजनों को सूचना दी थी। गुरुवार को अनिल के पिता शुभरन सिंह व जीजा इनीम सिंह समेत अन्य परिजन कोटा पहुंचे थे। अपने बेटे का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इधर अपने साथी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र मोर्चरी पहुंचे थे। पुलिस ने बताया कि पोस्ट मार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

स्मैक मिलाकर दोनों ने लगाए थे एविल इंजेक्शन
एएसआई ने बताया कि सुनील से पूछताछ करने पर उसका कहना था कि वह भी नर्सिंग कर रहा है। अनिल और उसने एविल के इंजेक्शन में स्मैक मिलाकर एक दूसरे के इंजेक्शन लगाए थे। जिससे हाईडोज होने पर अनिल की तबीयत खराब हो गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगे। तबीयत खराब होने पर वही उसे लेकर अस्पताल गया था।

परीक्षा का फार्म भरने आया था कोटा
मृतक के जीजा इनीम सिंह ने बताया कि अनिल पूर्व में अक्टूबर 2016 में कोटा आया था। लेकिन कुछ समय बाद ही वह वापस चला गया था। नर्सिंग प्रथम वर्ष की परीक्षा के फार्म भरने के लिए ही वह बुधवार को ही जनशताब्दी ट्रेन से कोटा आया था। यहां आने पर वह सीधा अपने दोस्त सुनील के घर चला गया। वहां उसकी मौत कैसे हुई यह तो पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा। सुनील ने ही देर रात को अनिल के पिता को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी थी। उन्होंने कहाकि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

पूर्व में भी नशे की लत के कारण ले गए थे परिजन
जानकारों ने बताया कि अनिल कुमार पहले कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था। लेकिन उस समय भी उसे नशे की लत लग गई थी। जिसकी सूचना उसके दोसतों ने ही परिजनों को दी थी। परिजन उसे उसी कारणस े यहां से लेकर गए थे। अनिल के एक दोस्त ने उसके पिता के मोबाइल पर फोन कर फार्म भरने के लिए उसे अपने साथ लेकर कोटा आने को कहा था। लेकिन वह फोन अनिल ने ही उठा लिया। वह अपने पिता को साथ लाने की जगह अकेला ही आ गया। लेकिन फोन करने वाले छात्र के पास न जाकर सुनील के कमरे पर चला गया।

विसरा रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा मौत का कारण
इधर छात्र का पोस्ट मार्टम करने वाले मेडिकल ज्यूरिष्ट डॉक्टरों का कहना है कि छात्र की मौत इंजेक्शन के हाईडोज से हुई है। उसका विसरा ले लिया है। लेकिन मौत का स्पष्ट कारण रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि एविल का इज़ेक्शन तो एंटीबायटिक के काम आता है। जिससे मौत नहीं होती। लेकिन उसमें क्या मिलाया गया जिससे वह जहरीला हो गया या फिर इंफेक्शन हुआ। यह रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा।

Published on:
15 Mar 2018 08:41 pm