कोटा

इस नए फरमान से कि‍सान मंडी से पहले काटेंगे ई मि‍त्र के चक्‍कर

गेहूं खरीद के संभाग में खुलेंगे 72 केंद्र, कोटा में 15 मार्च से शुरू होगी गेहूं खरीद

2 min read
Feb 16, 2018
mandi

कोटा . 1735 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर प्रदेश में सिर्फ कोटा संभाग में गेहूं की खरीद 15 मार्च से शुरू होगी। कोटा के अलावा अन्य संभागों में एक अप्रेल से खरीद शुरू होगी। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को खरीद शुरू होने से पहले भारतीय खाद्य निगम के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। यह पंजीयन किसान अपने एंड्राएड मोबाइल, ई-मित्र या साइबर कैफे के माध्यम से करा सकेंगे। खरीद शुरू होने से पहले पंजीयन बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान पंजीयन से वंचित रहे किसान खरीद केंद्र पर जाकर गुणवत्ता निरीक्षक के पास पंजीयन करा सकेंगे। गौरतलब है कि पंजीकृत किसानों के गेहूं की ही खरीद की जाएगी।

ये भी पढ़ें

Smart City Kota: 6 माह बाद कोटा हो जाएगा दुर्घटना मुक्त शहर: सांसद ओम बिरला

बारदाना उपलब्ध, खाली हो चुके गोदाम
गेहूं खरीद के लिए एफसीआई ने कोलकाता से जूट व प्लास्टिक का बारदाना मंगवाकर गोदामों में रखवा दिया है। जिसे मांग के अनुसार खरीद केंद्रों पर पहुंचा दिया जाएगा। वहीं शिवपुरा, भवानीमंडी, सवाईमाधोपुर में बने गोदामों से गेहूं लगातार पीडीएस में उठाव किया जा रहा है। ऐसे में करीब 80 फीसदी गोदाम वर्तमान में खाली हो चुके। जिनमें गेहूं का भंडारण किया जाएगा। वहीं सीडब्ल्यूसी, आरएसडब्ल्यूसी के गोदामों में भी गेहूं का भंडारण कराया जाएगा।

प्रदेश में सबसे पहले कोटा संभाग में15 मार्च से 1735 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद शुरू होगी। इसके लिए किसानों को एफसीआई के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन भी खरीद शुरू होने तक ही कराया जा सकता है। बाद में किसान का पंजीयन खरीद केंद्र प्रभारी द्वारा ही किया जा सकेगा। संभाग में खरीद के लिए 72 खरीद केंद्र आवंटित किए गए है।
पवन बोत्रा, क्षेत्र प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, कोटा

समर्थन मूल्य पर शुरू हो सरसों, चना की खरीद
पूर्व मंत्री भरत सिंह ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर सरसों व चना की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कराने की मांग की है। सिंह ने पत्र में बताया कि सरसों का समर्थन मूल्य 4000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। जबकि मंडियों में नई सरसों 3000 रुपए प्रति क्विंटल में बिक रही है। ऐसे मे ंकिसानों को हजार रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं जिले में अभी तक भी चने के समर्थन मूल्य के खरीद केंद्र आवंटित नहीं हुए है।

ये भी पढ़ें

Pride of Kota: कोटा की बेटी भव्या बनी सबसे कम उम्र की तेज गणितज्ञ, लिम्का बुक में दर्ज हुआ नाम
Published on:
16 Feb 2018 07:31 pm
Also Read
View All