
कोटा.
उत्तरी छोर के बाईपास के पहले चरण का कार्य आगामी जुलाई माह तक पूरा हो जाएगा। नगर विकास न्यास की ओर से बनाए जा रहे सड़क मार्ग की प्रगति की समीक्षा के लिए सांसद ओम बिरला रविवार को मौके पर पहुंचे। सांसद बिरला ने कहा कि ने हैंगिंग ब्रिज बनने के बाद कोटा शहर में भारी वाहनों का प्रवेश कम हो गया है। 175 करोड़ की लागत से अधिक लागत से निर्माणाधीन बाईपास का कार्य जुलाई तक पूर्ण होने के बाद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतया बंद होने के साथ ही कोटा शहर दुर्घटना मुक्त शहर बनेगा। वहीं गामछ रेलवे फाटक बंद होने के कारण वाहन चालकों को घंटों इंतजार से मुक्ति मिलने के साथ ही धार्मिक नगरी केशवराय पाटन में आवागमन सुगम होगा।
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यह बाईपास नेशनल हाइवे 76 झालीपुरा से कोटा-लालसोट मेगा हाईवे से गामछ के पास जुड़ेगा। इसका निर्माण पूरा होने पर कोटा को रिंग रोड मिल जाएगा। इसके लिए कोटा ऐसे चुनिन्दा शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनमें रिंग रोड है। इस दौरान न्यास के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एस.के.सिंघल, अधिशासी अभिंयता महेश गोयल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
बाइपास
14.2 किमी लम्बा बाइपास बन रहा
175 कुल राशि खर्च होगी योजना पर
02 लेन का होगा बाईपास
90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है
101 करोड़ रुपए खर्च हो चुके अब तक
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ग्रामीणों से की चर्चा : सांसद बिरला को गामछ गांव के ग्रामीणों से भी चर्चा की। ग्रामीणों ने गांव से हाइवे पर वाहनों के आने जाने के लिए मार्ग नहीं होने की समस्या बताई। इस पर सांसद बिरला ने माना कि रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामवासियों को लम्बी दूरी तय करनी पड़ रही है।
बिरला ने अधिकारियों से रास्ता बनाने पर चर्चा कीतो कंसलटेंट कम्पनी के पीके जैन ने बताया कि इसके लिए उच्च स्तर पर स्वीकृति लेनी होगी।
Updated on:
05 Feb 2018 02:44 pm
Published on:
05 Feb 2018 02:43 pm
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