कोटा

​चिकित्सकों की हड़ताल के चलते ली नीम हकीम की शरण, अब चल रहा जीवन से संघर्ष

नीम हकीम के चक्कर में आईसीयू में पहुंच गया डेंगू का मरीज, हकीम की दवा कर गई रिएक्शन।

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Nov 11, 2017
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युवक पहुंचा आईसीयू में

मौसमी बीमारियों की मार और अस्पतालों में बिगड़े हालात के बीच नीम हकीम मरीजों की जान से खेल रहे हैं। अनंतपुरा क्षेत्र स्थित क्रेशर बस्ती में रहने वाला एक युवक नीम हकीम के चक्कर में आईसीयू में पहुंच गया। डेंगू शॉक से ग्रस्त युवक अब जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। क्रेशर बस्ती निवासी जोधराज ने बताया कि बारां जिले के किशनगंज निवासी विनोद(22) करीब चार साल से उसके पास हाळी का काम करता है।

डेंगू ने किया मस्तिष्क पर असर

युवक को गत सोमवार को बुखार आया। पहले डिस्पेंसरी गए, लेकिन एक बजे बंद हो जाने के चलते उसने अनंतपुरा चौराहा स्थित एक निजी क्लिनिक पर दिखाया, लेकिन तबियत और बिगड़ गई। गुरुवार को उसे अनंतपुरा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्साधिकारी डॉ. हिदायत पठान को दिखाया, लेकिन उन्होंने किसी अच्छे फिजिशियन को दिखाने की सलाह दी। तब वे शुक्रवार सुबह छावनी स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां पता चला कि गलत दवा से उसकी हालत बिगड़ी। उसके बाद उसे बसंत विहार स्थित निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने बताया कि जांच में उसे डेंगू शॉक आया है। डेंगू ने उसके मस्तिष्क पर असर किया है। बीपी कम है, ब्लड की कमी है। उसे दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया।

बंधे हाथ बैठी एक्शन टीम बंधे हाथ बैठी एक्शन टीम

पत्रिका ने चेताया था: 'राजस्थान पत्रिका' ने पिछले 10 अक्टूबर को 'दवा नहीं, दर्द बढ़ा देते हैं झोलाछाप' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया कि शहर में चिकित्सा विभाग की नाक के नीचे धड़ल्ले से झोलाछाप दुकानें संचालित हो रही हैं। यह लोगों का मर्ज बढ़ा रही हैं। इसके बाद सीएमएचओ ने औषधि नियंत्रक संगठक के सहायक देवेन्द्र गर्ग समेत तीन सदस्यीय टीम गठित की थी लेकिन, कार्रवाई के आदेश नहीं मिलने से यह हाथ बांधे बैठी है।

अब डोक्यूमेंट वेरीफिकेशन करा रहे

अनंतपुरा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्साधिकारी डॉ. पठान ने बताया कि चिकित्सा विभाग ने शहर के सभी चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित निजी क्लिनिकों के डोक्यूमेंट वेरीफिकेशन कराने के आदेश जारी किए हैं। इस के तहत निजी क्लिनिकों से डोक्यूमेंट मांगे हैं। वेरीफिकेशन के बाद प्रकरण विभाग को भिजवाएंगे जाएंगे।

Published on:
11 Nov 2017 03:50 pm