कोटा

पत्रिका स्टिंग में खुलासा : कैग की रिपोर्ट के 8 माह बाद भी हालात जस के तस

दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के पेन्ट्रीकार से परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री गुणवत्ता को लेकर संदेह के घेरे में है।
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Updated: 14 Apr 2018, 5:17 PM IST
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दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के पेन्ट्रीकार से परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री गुणवत्ता को लेकर संदेह के घेरे में है। गंदगी में बर्तनों ठीक से साफ किए बिना ही खाना तैयार किया जाता है। अवध एक्सप्रेस और स्वर्ण मंदिर मेल की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कैग की ओर से रेलवे बोर्ड के चेताने के आठ माह बाद भी कोई सुधार नजर आया है। अभी भी पेन्ट्रीकार में गंदगी में ही खाना पकाया जा रहा है।

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इंसानी इस्तेमाल के लायक नहीं खाना
पिछले साल 21 जुलाई को संसद में पेश की गई कैग रिपोर्ट में बताया गया था कि ट्रेनों में मिलने वाला खाना इंसानों के खाने लायक नहीं है। देश की अधिकतर टे्रनों और रेलवे स्टेशनों पर जो खाने-पीने की चीजें परोसी जा रही हैं, वो इंसानी इस्तेमाल के लायक नहीं हैं। कोटा जंक्शन से गुजरने वाली टे्रनों के भी नाम इस रिपोर्ट में शामिल थे। इस रिपोर्ट के माध्यम से रेलवे को तत्काल सुधार करने की जरूरत बताई।

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चिंताजनक स्थिति दिखी
इस रिपोर्ट के 8 माह बाद भी टे्रनों में मिलने वाले खानपान में कोई बदलाव नहीं आया है। पत्रिका ने गुरुवार को कोटा जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों का जायजा लिया तो हालत चिंताजनक नजर आए। बान्द्रा से आने वाली अवध एक्सप्रेस और अमृतसर-बान्द्रा स्वर्ण मंदिर मेल के रसोईयान में गंदगी मिली। अवध एक्सप्रेस में टॉयलेट के पास बर्फ रखी हुई थी।

रसोई में गंदगी थी और टॉयलेट के पानी का उपयोग किया जा रहा था। शुक्रवार को अमृतसर-मुंबई स्वर्ण मंदिर मेल की पेन्ट्रीकार का जायजा लिया तो इसकी रसोई भी काफी गंदी मिली। बिना सफाई किए ही नाश्ता तैयार किया जा रहा था।

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टे्न आते ही दौड़ते हैं अवैध वैंडर्स
शुक्रवार दोपहर 2.27 बजे स्वर्ण मंदिर मेल प्लेटफॉर्म नम्बर दो पर आई तो 7-8 अवैध वैंडर्स दौड़कर आए और कोचों में नाश्ता बेचने। ट्रेन के जाते ही कुछ देर के लिए फिर गायब हो गए। फिर 3 बजे मथुरा-रतलाम मेमू और इसके बाद रणथम्भौर एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही फिर दौड़े। उनके द्वारा बेची जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच भी नहीं होती। ये अवैध वैंडर्स एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म जाने के लिए पटरियों पर भी दौड़ते नजर आते हैं।

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