कोटा

मामूली दिखने वाली पत्थर-बजरी ने चाँदी कर रखी है इन अफसरों की

खान विभाग में मिलीभगत का खेल अरसे से चल रहा है। रॉयल्टी से लेकर अवैध खनन के मामलों तक में खनिज अभियंता उगाही करते हैं।
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Jun 23, 2018
sand
मामूली दिखने वाली पत्थर-बजरी ने चाँदी कर रखी है इन अफसरों की

कोटा. खान विभाग में मिलीभगत का खेल अरसे से चल रहा है। रॉयल्टी से लेकर अवैध खनन के मामलों तक में खनिज अभियंता उगाही करते हैं। इसे मोटी कमाई का जरिया बना लिया है। और, इसी कारण रॉयल्टी नाकों पर अवैध वसूली की शिकायतों पर अभियंता पर्दा डाल देते हैं।

पिछले दिनों कोटा और बूंदी के उद्यमियों ने डाबी के नाके पर अवैध वसूली के संबंध में ज्ञापन भी दिया था, लेकिन अभियंताओं ने जांच तक की जहमत नहीं उठाई।खान विभाग में कार्यरत अधिकारियों की पत्थर, बजरी से बल्ले-बल्ले हो रही है। विभाग के कर्मचारी, अधिकारी जिधर भी निकलते हैं, रात को मोटी रकम लेकर घर पहुंचते हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रकम की हिस्सा दूसरे दिन उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है।

ऐसे ही पास नहीं हो रहे बजरी ट्रक
बजरी के अवैध खनन, परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद क्षेत्र में बनास बजरी का धड़ल्ले से अवैध परिवहन, कारोबार हो रहा है। हाड़ौती से गुजरने वाली डेढ़ दर्जन से अधिक नदियों में बेखौफ अवैध खनन हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी पूरी जानकारी है।

लेकिन, खननकर्ता फोरमैन से लेकर खनिज अभियंता तक मासिक बंदी पहुंचाते हैं, इस कारण कार्रवाई नहीं होती। खनि अधिकारियों द्वारा एक ही रटा जवाब दिया जाता है कि 'बजरी का अवैध खनन रोकने के लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में खान, राजस्व, परिवहन, वन, निगम, यूआईटी के अधिकारियों की टीम बनी हुई है, टीम द्वारा एक साथ कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे समझें माजरा
संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में कोटा स्टोन, सेंड स्टोन, लाइम स्टोन, मेसनरी स्टोन आदि की खदानों से खनिज पदार्थ की निर्धारित मात्रा तक निकासी के लिए खनन पट्टे धारक हर साल विभाग में शुल्क जमा कराते हैं। इस मात्रा से ज्यादा खनन पर रॉयल्टी ठेकेदार के माध्यम से टैक्स जमा होता है। ऐसे में रॉयल्टी बचाने के प्रयास में खनन पट्टाधारी अधिकारियों से साठगांठ कर लेते हैं। अधिकारी अपनी जेब भरतेक रहते हैं।

Published on:
23 Jun 2018 01:37 pm