सहूलियत के नाम पर शुरू हुआ मोदी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य कोटा की जनता को मुश्किलों में डाल रहा है।
सीएडी से रंगबाड़ी मुख्य मार्ग पर दानबाड़ी से रामजानकी मंदिर केशवपुरा तक बनने वाले फ्लाईओवर के लिए नगर विकास न्यास ने खुदाई का काम बिना प्लानिंग के शुरू कर दिया है। दादाबाड़ी चौराहे से मोदी कॉलेज तक दोनों तरफ से आवागमन बंद कर दिया। वाहनों के लिए कॉलोनियों से होकर वैकल्पिक मार्ग तो निकाल दिए, लेकिन उन मार्गों से न तो अतिक्रमण हटाए और न ही सड़कों के गढ्डों को भरा गया। नतीजतन वाहन चालकों तो परेशान है ही। जिन कॉलोनियों से सैकड़ों वाहन प्रतिदिन गुजर रहे हैं, वहां के लोगों की जान सांसत में आ गई है।
सब कुछ सही रहा तो ये 1500 मीटर यानी 1.5 किमी का फ्लाईओवर 18 महीने में बनकर तैयार होगा। यानी तब तक तो डायवर्ट किए गए 10 किमी में रहने वाले लोगों यह परेशानी झेलनी ही पड़ेगी। कोढ़ में खाज यह कि करीब 15 दिन बाद दशहरा मेला शुरू होने वाला है। ऐसे में यह जनता की परेशानी कम नहीं होकर और अधिक बढ़ने वाली है। जल्दबाजी में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट से कैसे बढ़ा जनता का दर्द।
दशहरा मेले का ध्यान ही नहीं रखा
जनता का दर्द समझने के लिए राजस्थान पत्रिका टीम ने गुरुवार को इन वैकल्पिक मार्गों का दो घंटे तक जायजा लिया। प्रभावित लोगों से बात की। लोगों ने माना कि माना कि फ्लाईओवर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और जनता को राहत देने के लिए है, लेकिन इसकी शुरुआत करते समय ही जनता का ध्यान नहीं रखा गया। छह दिन बाद दशहरा मेला शुरू हो जाएगा। मेला देखने शहर की नहीं हाड़ौती भर से लोग आएंगे। 20 दिन के मेले में औसतन रोज 40 से 50 हजार लोग आते हैं। रावण दहन के दिन यह आंकड़ा एक लाख का पार कर जाता है। नए कोटा क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों से दशहरा मैदान आने का मुख्य रास्ता भी केशवपुरा से सीएडी होकर ही है। ऐसे में इस मार्ग पर फ्लाई ओवर निर्माण के चलते यह मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। शहर के रूटीन यातायात के हिसाब से ये वैकल्पिक मार्ग दिन-रात जाम का सबब बनेंगे। वैसे ही इन दिनों सुबह और शाम के समय तो कॉलोनियों में जाम और वाहनों का शोर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
Read More:स्वाइन फ्लू का मर्ज पकड़ने में नाकाम रही सरकारी लैब, गलत रिपोर्ट ने ली दो लोगों की जान
खस्ता हैं वैकल्पिक मार्गों के हालात
पहले वैकल्पिक मार्ग के तौर पर केशवपुरा से नयापुरा जाने वाले छोटे वाहनों को मोदी कॉलेज, दादाबाड़ी विस्तार योजना के अंदर होते हुए दादाबाड़ी डाकघर के सामने से मुख्य मार्ग और दादाबाड़ी तिराहा से निकाला जा रहा है, लेकिन परेशानी की बात यह है कि मोदी कॉलेेज मोड़ पर ही सड़क का बड़ा गड्ढ़ा दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। वहीं दादाबाड़ी विस्तार योजना कॉलोनी में भी पूरी सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है। साथ ही लोगों ने घरों के बाहर नालियों पर रैम्प बनाकर व जालियां लगाकर अतिक्रमण कर रखे हैं। इससे रास्ता संकरा हो गया है। ऐसे में दोनों तरफ से आने वाले वाहनों के दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
टूटी सड़क और अतिक्रमण ने बढ़ाई परेशानी
सीएडी से केशवपुरा की तरफ जाने वाले वाहनों को दादाबाड़ी चौराहे से ज्योति मंदिर वाली रोड से होकर मोदी कॉलेज के सामने से निकाला जा रहा है। परेशानी:-दादाबाड़ी चौराहे से ज्योति मंदिर रोड के मोड पर ही एक तो सड़क टूटी हुई है। दूसरी तरफ दुकान के बाहर कारों का जमावड़ा लगा हुआ है। जहां कारें धुलाई के लिए आती हैं। रास्ता संकरा होने से वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है। यहां कई बार वाहन आपस में टकरा चुके हैं। इस रोड पर एक निजी स्कूल व कोचिंग संस्थान भी है।
सब्जी मंडी बनी मुसीबत
केशवपुरा से तीन बत्ती रोड, जीएडी सर्किल, शिवपुरा होते हुए सीएडी
महावीर नगर से नयापुरा की तरफ जाने वाले नगरीय परिवहन की मिनी बसों व सिटी बसों के लिए यातायात पुलिस ने केशवपुरा से तीन बत्ती चौराहा और जीएडी सर्किल से शिवपुरा होते हुए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। परेशानी की बात यह है कि यह मार्ग दोनों तरफ से काफी चौड़ा है लेकिन केशवपुरा से मुक्तिधाम तक सड़क के दोनों तरफ दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रास्ता संकरा कर रखा है। इसी रोड पर पुलिया के पास सब्जीमंडी लगती है। जिससे बड़े वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है।