कोटा शहर की हवा में इन दिनों तलवार से भी तेज धार वाला हथियार उड़ रहा रहा है। बीच बाजार हो या घर की छत, निशाने पर जिंदगी है।
कोटा . कोटा शहर की सड़कें ही नहीं छतें भी लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है। सड़कों पर जहां गहरे गड्ढे मौत का कारण बन रहे हैं वहीं, हवा में उड़ रहे तलवार से भी तेज हथियार लोगों की जान लेने पर तुला है। आए दिन परिदें इनकी जद में आ रहे हैं। सरेबाजार अचानक तेज धार से शहरवासी घायल हो रहे हैं। ट्रैफिक के बीच ऐसी घटना से जान पर संकट बना हुआ है। गत वर्ष भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन प्रशासन कार्रवाई के बजाए आंखें मूंदे हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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चाइनीज मांझे से बालिता रोड निवासी राकेश जैन घायल हो गए। उनकी गर्दन पर मांझे से कट लग गया, जिससे खून बहने लगा। जैन ने बताया कि वह घर से बाजार सामान लेने जा रहे थे, तभी नयापुरा चम्बल पुलिया पर मांझा उनकी गर्दन पर आ गया। उन्होंने शीघ्र ही गाड़ी रोक दी, लेकिन उसके बाद भी चाइनीज मांझे से उनकी गर्दन पर कट लग गया। जैन बाजार नहीं गए और वापस घर की ओर चले गए। गौरतलब है कि चाइनीज मांझे से इससे पूर्व भी कई लोग घायल हो चुके हैं।
वहीं, आसमान में उड़ते परिन्दों की उड़ान में चायनीज मांझा व्यवधान पैदा कर रहा है। आए दिन पक्षी इसकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं। घायल परिन्दे जंतुआलय या ह्यूमन हेल्प लाइन सेवादारों के पास आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में करीब 20 पक्षी चाइनीज मांझे से घायल हुए, इनमें से 3 की मौत हो गई। इनमें 2 कबूतर व 1 कोयल शामिल है।
मकर संक्रांति तक चलने वाले पतंगबाजी के शोर में बेजुबान पक्षियों को बचाने के लिए ह्यूमन हेल्प लाइन की ओर से विशेष समझाइश अभियान चलाया जाएगा। इसमें दुकानदारों को चायनीज मांझा नहीं बेचने व आमजन को सुबह-शाम पतंगबाजी नहीं करने की अपील की जाएगी, ताकि आजाद परिन्दों की उड़ान मांझे में नहीं उलझे।