
कोटा .
केन्द्रीय कारागार (जेल) कोटा में महिला बंदियों की संख्या अधिक होने से जेल परिसर में ही पीछे की तरफ नई महिला जेल बन रही है। जिसका काम मार्च तक पूरा होने की संभावना है। जबकि बंधा धर्मपुरा में दूसरी जेल के लिए आवंटित जमीन का काम स्टे के कारण अटका हुआ है। हालांकि सरकार की ओर से प्रदेश के सभी 8 केन्द्रीय कारागारों में महिला जेल बनाने की योजना है। कोटा में जेल परिसर में ही पीछे की तरफ करीब 1500 वर्ग फीट क्षेत्र में नई महिला जेल बनाने का काम चल रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से चल रहे जेल निर्माण कार्य के तहत चारों तरफ की मुख्य सुरक्षा दीवार तो लगभग बनकर तैयार हो गई है। मुख्य दरवाजे व बैरक बनाने का काम चल रहा है।
केन्द्रीय कारागार कोटा की बंदी क्षमता 1050 है लेकिन वर्तमान में यहां करीब 1500 बंदी रह रहे हैं। सौ से डेढ़ सो की होगी क्षमता नई बन रही महिला जेल की क्षमता करीब सौ से डेढ़ सौ के बीच होगी। जहां महिला बैरक समेत सभी तरह की सुविधाएं होंगी। वर्तमान महिला जेल की क्षमता 24 की है जिसमें मंगलवार को करीब 50 महिला बंदी रह रही हैं। इनमें भी 10 तो सजायाफ्ता हैं। वर्तमान में महिला जेल में 20 महिला सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। जिनमें 5 हैड कांस्टेबल व 15 कांस्टेबल हैं। नई महिला जेल बनने के बाद अलग से महिला जेलर भी तैनात की जाएगी।
पुरुष जेल विस्तार का भी प्रस्ताव बंधा धर्मपुरा में जेल के लिए आवंटित जमीन पर अतिक्रमण के कारण जेल निर्माण में परेशानी को देखते हुए इसे निरस्त करने की योजना चल रही है। वहीं केन्द्रीय कारागार में ही पुरुष जेल के विस्तार की योजना है। जिसका प्रस्ताव जेल प्रशासन ने मुख्यालय को भेज रखा है। जगह कम होने से बन रही नई जेल महिला जेल में वर्तमान में क्षमता से दोगुनी महिला बंदी हैं। जगह की कमी को देखते हुए जेल परिसर में ही पीछे की तरफ खाली जगह में नई महिला जेल बनाई जा रही है। जिसकी क्षमता सौ से डेढ़ सो की होगी। इसका काम तेजी से चल रहा है। करीब 6 माह में बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
Published on:
05 Jan 2018 06:28 pm
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