
कोटा .
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा, भोपाल और जबलपुर मंडल में संरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी के बाद अब ड्रोन से रेल परिसरों में पड़े स्क्रैप का भी पता लगाया जाएगा। नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की तैयारी और विशेष अवसरों पर उमडऩे वाली भीड़ की निगरानी भी अब रेलवे ड्रोन की सहायता से करेगा।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी गुंजन गुप्ता ने बताया कि अब जोन में राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी करने, महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए भी ड्रोन की तैनातगी की जाएगी। इस तरह ड्रोन का उपयोग करने वाला पश्चिम मध्य रेलवे देश का पहला जोन है। कोटा मंडल में अभी तक चंबल ब्रिज पर और डकानिया तलाब यार्ड पर की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा था।
कोटा मंडल के लिए जल्द उच्च क्षमता का ड्रोन खरीदा जाएगा। यह सतह से 200 मीटर की ऊंचाई और 4 किमी की परिधि में उड़ सकेगा। पश्चिम मध्य रेलवे के जोन मुख्यालय जबलपुर में गुरुवार को उच्च क्षमता के ड्रोन का प्रदर्शन किया गया।
कोहरे में भटकी 20 ट्रेनें देरी से पहुंची कोटा
कोटा. कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है। इस कारण टे्रनों को धीमी रफ्तार से चलाना पड़ रहा है। इस कारण लम्बी दूरी की ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।
कोटा जंक्शन पर गुरुवार को करीब 20 ट्रेनें देरी से पहुंची। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासतौर से स्वर्ण मंदिर मेल, अवध एक्सप्रेस, पटना-कोटा एक्सप्रेस, अजीमाबाद एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें तो घंटों देरी से पहुंची।
ये आई देरी से
कानपुर-बान्द्रा एक्सप्रेस 14 घंटे
पटना-कोटा एक्सप्रेस 11 घंटे
गोरखपुर-बान्द्रा अवध 10 घंटे
अजीमाबाद एक्सप्रेस 10 घंटे
वलसाड़ एक्सप्रेस 8.30 घंटे
स्वर्ण मंदिर मेल 5 घंटे
निजामुद्दीन-कोटा स्पेशल 4.30 घंटे
जनशताब्दी 3 घंटे 15 मिनट
आगरा फोर्ट-कोटा पैसेंजर 4 घंटे
स्वराज एक्सप्रेस 6 घंटे
श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट 2 घंटे
मथुरा-रतलाम पैसेंजर 2.20 घंटे
निजामुद्दीन-पुणे दुरंतो 2.25 घंटे
वडोदरा-कोटा पैसेंजर 2.26 घंटे
फिरोजपुर-मुंबई जनता एक्स. 2 घंटे
अमृतसर-बान्द्रा पश्चिम एक्स. 2 घंटे
सराय रोहिल्ला-इंदौर 2.25 घंटे
त्रिवेन्द्रम राजधानी 1.30 घंटे
निजामुद्दीन-उदयपुर
मेवाड़ 1.30 घंटे
Published on:
05 Jan 2018 12:31 pm
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