
कोटा .
भारतीय रेल के टेक्नोलॉजी मिशन (टीएमआईआर) को आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार के तीन मंत्रालय एक साथ आए हैं। रेल मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टीएमआईआर को संयुक्त रूप से वित्तीय मदद करने के लिए सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
टेक्नोलॉजी मिशन के तहत भारी ढुलाई, सुरक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण तथा शहरी रेलवे के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य और विकास परियोजनाएं शुरू होंगी। सूत्रों के अनुसार वाया कोटा होकर दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग देश के श्रेष्ठ मार्गों में एक है, इसलिए कई तकनीकी प्रयोग इस मार्ग पर भी किए जाने की संभावना है। मिशन रफ्तार परियोजना में यह मार्ग पहले से ही शामिल है।
साझे निवेश का मार्ग प्रशस्त
इस सहमति ज्ञापन के बाद अप्लाइड अनुसंधान के लिए चिह्नित रेल परियोजनाओं के साझे निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा। इस परियोजना में रेल मंत्रालय 30 प्रतिशत, मानव संसाधन विकास मंत्रालय 25 प्रतिशत तथा विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग 25 प्रतिशत निवेश करेगा। शेष राशि उद्योग खर्च करेंगे।
इससे सफलतापूर्वक स्वदेशी टेक्नोलॉजी विकसित की जा सकेगी। भारतीय रेल को जहां विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी मिलेगी, वहीं अकादमिक और अनुसंधान संस्थान अनेक अप्लाइड अनुसंधान परियोजना में शामिल होंगे। इससे राष्ट्रीय उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान में मदद मिलेगी।
क्या है टेक्नोलॉजी मिशन
रेल मंत्रालय ने अप्लाइड अनुसंधान के लिए चिह्नित रेल परियोजनाओं के साझे निवेश के लिए रेल मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साझे प्रयास के रूप में टेक्नोलॉजी मिशन बनाया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय दोनों टीएमआईआर परियोजना में 75-75 करोड़ रुपए निवेश करेंगे, जबकि भारतीय रेल और उद्योग अपना-अपना हिस्सा देंगे।
आईआईटी के प्रोफेसर होंगे अध्यक्ष
रेलवे, आरडीएसओ, मानव संसाधन और विकास मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधियों वाली मिशन क्रियान्वयन तथा समन्वय समिति के अध्यक्ष मिशन अध्यक्ष आईआईटी कानपुर के प्रो. एन.एस व्यास होंगे। मिशन के सह अध्यक्ष उत्तरी रेलवे के मुख्य प्रशासनिक निर्माण अधिकारी आलोक कुमार होंगे।
वन आईसीटी के बाद बड़ी पहल
टेक्नोलॉजी मिशन (टीएमआईआर) से पहले वन इनफोरमेशन एण्ड कम्न्युनिकेशन टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म (वन आईसीटी) परियोजना शुरू की जा चुकी है। यात्रियों और रेलकर्मियों को विभिन्न सुविधाएं देने के लिए रेल मंत्रालय की ओर से वन आईसीटी) परियोजना शुरू की है। इससे रेलवे के लिए एकल डिजिटल मंच के लक्ष्य को हासिल करने की राह प्रशस्त हुई।
Published on:
05 Jan 2018 11:08 am
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