Rajasthan News: राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 11 दिनों में चार बार दाम बढ़ने से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है, वहीं वैट के जरिए राज्य सरकार की रोजाना करीब 3.50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई हो रही है।
VAT On Petrol-Diesel: राजस्थान के लोगों को इन दिनों भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के साथ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी परेशान कर रखा है। पिछले 11 दिनों में चार बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आमजन की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। वहीं बढ़ी कीमतों के कारण राज्य सरकार को वैट से प्रतिदिन करीब 3.50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हो रही है। अब तक कोटा में पेट्रोल के दाम में 7.95 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल में 7.57 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि जहां उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल रही है, वहीं वैट के कारण सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है।
राजस्थान में पेट्रोल पर 29.04 प्रतिशत तथा डीजल पर 17.30 प्रतिशत वैट लगाया जा रहा है। इसके अलावा रोड डेवलपमेंट सेस के नाम पर पेट्रोल पर 1.50 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल पर 1.75 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त सेस भी वसूला जा रहा है।
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन करीब 167 लाख लीटर डीजल तथा लगभग 80 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। इस आधार पर राज्य सरकार को रोजाना करीब 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वैट प्राप्त हो रहा है। इसमें सेस शामिल नहीं है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार के कर अलग से लागू हैं।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आमजन के उपयोग में आने वाली लगभग सभी वस्तुएं धीरे-धीरे महंगी हो रही हैं। दैनिक उपयोग की अधिकांश वस्तुओं के दाम प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से डीजल की कीमतों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने पर महंगाई दर स्वतः बढ़ जाती है। केंद्र और राज्य सरकारें करों में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दे सकती हैं।
तरुमीत सिंह बेदी, अध्यक्ष, कोटा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
पेट्रोल : 29.04 प्रतिशत
डीजल : 17.30 प्रतिशत
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