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Kota News: ठेले पर गोलगप्पे खाने से 115 लोगों की तबीयत बिगड़ी, 12 लोगों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

कोटा जिले के पोलाई खुर्द गांव में ठेले पर गोलगप्पे खाने के बाद 115 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल शिविर लगाकर इलाज शुरू कर दिया है, जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोलगप्पों और पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
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Jul 15, 2026
Kota Food Poisoning
Kota Food Poisoning: गोलगप्पा खाने के बाद अस्पताल में भर्ती लोग (फोटो-पत्रिका)

कोटा। जिले के दीगोद उपखंड के सिमलिया क्षेत्र स्थित पोलाई खुर्द गांव में ठेले पर गोलगप्पे (पानी-पतासी) खाने के बाद करीब 115 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या बच्चों की है। उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजन उन्हें अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया है, जबकि 12 लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिमलिया में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात गोलगप्पे खाने के कुछ समय बाद बच्चों और अन्य लोगों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। एक के बाद एक लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने प्रभावित लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।

गांव में पहुंची मेडिकल टीम।

गंभीर लोगों को अस्पातल में किया गया भर्ती

बुधवार सुबह उपखंड अधिकारी दीपक महावर और ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (बीसीएमओ) डॉ. राजेश सामर मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बीसीएमओ के निर्देश पर 108 एम्बुलेंस सहित दो मेडिकल टीमें गांव भेजी गईं। गंभीर मरीजों को सीएचसी सिमलिया में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य लोगों का गांव में ही स्वास्थ्य शिविर लगाकर उपचार किया जा रहा है।

अस्पताल में जारी इलाज।

घर-घर किया जा रहा सर्वे

स्वास्थ्य विभाग की एएनएम और आशा सहयोगिनियां घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों की पहचान कर उनका समय पर इलाज किया जा सके। चिकित्सा विभाग लगातार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोटा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नरेंद्र नागर भी पोलाई खुर्द पहुंचे और चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

घर-घर सर्वे करती टीम।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लिए सैंपल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोलगप्पे बेचने वाला ठेला संचालक शोली गांव का निवासी है। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गोलगप्पों में इस्तेमाल की गई खाद्य सामग्री और पानी के नमूने एकत्र किए हैं। इसके अलावा जिस स्थान से गोलगप्पे के लिए पानी भरा गया था, वहां से भी पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

गांव में लगा मेडिकल कैंप।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

उपखंड अधिकारी दीपक महावर ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आधिकांश मरीजों की हालत स्थिर

बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर ने बताया कि मंगलवार रात से ही मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मेडिकल टीमों ने बुधवार सुबह से गांव में मोर्चा संभाल लिया है और सभी प्रभावित लोगों की जांच कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिलहाल अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

Updated on:
15 Jul 2026 05:41 pm
Published on:
15 Jul 2026 05:32 pm