कोटा. डीएसबी में तैनात सिपाही ने शुक्रवार को पहले बीच चौराहे पर और फिर नयापुरा थाने में भी दो बस मालिकों से मारपीट की व गोली से मारने धमकी दी।
कोटा .
राजस्थान की नं. 1 कही जाने वाली कोटा पुलिस को दूसरा चेहरा आज समाने आया जब जिला विशेष शाखा(डीएसबी) में तैनात सिपाही ने शुक्रवार को पहले बीच चौराहे पर और फिर नयापुरा थाने में भी दो बस मालिकों से मारपीट की। स्वयं को पुलिस वाला बताते हुए धमकी भी दी। बस मालिकों की रिपोर्ट पर पुलिस ने सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बोरखेड़ा निवासी बस मालिक अब्दुल हलीम ने बताया कि वे सुबह बस मालिक अबरार हुसैन व चालक हुसैन मोहम्मद के साथ अपनी बस लेकर उम्मेद पार्क के पास नयापुरा में खड़े हुए थे। उसी समय एक व्यक्ति आया। उसने स्वयं को डीएसबी कार्यालय में तैनात सिपाही पुष्पेन्द्र सिंह बाताते हुए उनकी गिरेबान पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। उन्हें जमीन पर नीचे पटक दिया। यह देख आस-पास मौजूद अन्य बस मालिक बीचबचाव करने आए तो वह उनसे भी उलझने लगा। उसने पुलिसवाला होने का रौब दिखाते हुए गोली मारने तक की धमकी दी।
इसके बाद वह उन्हें मारपीट करते हुए नयापुरा थाने तक ले गया। वहां भी उनसे मारपीट की। बस मालिक अबरार हुसैन ने आपत्ती की तो उनके साथ भी मारपीट की। हलीम ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि मारपीट के दौरान उनकी जेब से 4 हजार रुपए भी गायब हो गए। मारपीट की सूचना मिलते ही बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्य नारायण साहू समेत अनय बस मालिक भी थाने पहुंच गए।
सूचना पर पॉपुलर फ्रंट के जिलाध्यक्ष शोएब अहमद के नेतृत्त्व में भी कई कार्यकर्ता थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस उप अधीक्षक शिव भगवान गोदारा से मुलाकात कर पुष्पेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की।
यह है मामला
बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्य नारायण साहू ने बताया कि पुष्पेन्द्र की भाभी सुल्तानपुर में नौकरी करती है। वह रोजाना बस से अप डाउन करती है। पुष्पेन्द्र का कहना था कि अब्दुल हलीम ने उनकी भाभी को लोक परिवहन की बस में बैठने से मना किया था। जबकि साहू का कहना है कि लोक परिवहन की बसों को सुल्तानपुर जाने का परमिट ही नहीं है। निजी बसों को सुल्तानपुर जाने का परमिट है। जबकि वह इस व्यवस्था को गलत बताते हुए उसी बस में बैठाने की जिद पर अडऩे लगा और पुलिस कर्मी होने का रौब दिखाकर मारपीट कर दी।
मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
नयापुरा थानाधिकारी हरीश भारती ने बताया कि बस मालिकों ने सिपाही पुष्पेन्द्र सिंह के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दी है। जिस पर उसके खिलाफ रास्ते में रोककर मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीआई ने कहा कि पुलिस कर्मी को कोई आपत्ती थी तो शिकायत देता लेकिन इस तरह से मारपीट करने का उसे कोई अधिकार नहीं है।