परियोजना प्रभारी प्रो. ममता तिवारी ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों को आंवला के 14, सोयाबीन के 12, लहसुन के 6 उत्पाद बनाना, टमाटर की चटनी, सॉस पाउडर, पेस्ट प्यूरी, फ्रूट जैम, पाईन एप्पल स्लाईस, मुरब्बा, अदरक केण्डी, गुलाब खस, पाईन एप्पल, नींबू स्क्वेश, वेफर्स आदि 60 प्रकार के उत्पाद बनाना सिखाया। तकनीकी सहायक गुंजन सनाढ्य ने बताया कि सैद्धांतिक तौर पर प्रोजेक्ट बनाना, स्वरोजगार के लिए प्रसंस्करण इकाई स्थापित करना, खाद्य प्रसंस्करण के लिए आवश्यक मशीनें, लेवलिंग पैकेजिंग, लोन प्रक्रिया, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी की जानकारी दी गई।