कोटा में अवैध बार संचालित करने का पत्रिका में खुलासा होने के बाद आबकारी विभाग ने 'मौज' लॉज पर छापा मारकर अवैध शराब बरामद की।
राजस्थान पत्रिका ने कोटा के होटल, लॉज और अवैध बीयर बार में लाइसेंस के बिना अवैध रूप से शराब परोसे जाने का स्टिंग ऑपरेशन के जरिए खुलासा किया था। जिसके बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया और शनिवार रात घोड़े वाले चौराहे पर स्थित 'मौज' लॉज पर कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें जब्त की। पुलिस ने अवैध रूप से शराब पिलाने के मामले में ल़ॉज संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पत्रिका में खबर छपने के बाद हुई कार्रवाई
आबकारी विभाग के प्रहराधिकारी रेवतसिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान पत्रिका में छपी खबर से घोड़ा चौराहा स्थित मौज लॉज में अवैध रूप से लोगों को बैठाकर शराब पिलाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद आबकारी विभाग ने उनके नेतृत्व में टीम गठित की। शनिवार रात जब टीम ने लॉज पर छापा मारा तो वहां कई लोग शराब पीते मिले। टीम ने यहां से कई कंपनियों की मंहगी शराब की 83 बोतल बरामद की। साथ ही, लॉज संचालक विनोद कुमार को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया।
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अवैध रूप से चल रहा था शराब का धंधा
रेवतसिंह ने बताया कि जिस जगह कार्रवाई की है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर के दायरे में आता है। हाईकोर्ट के आदेश से हाइवे के 500 मीटर के दायरे में आने वाले शराब ठेके व बीयर बार को 1 अप्रेल से बंद कर दिया। इसके बाद भी कई बार बिना आबकारी विभाग की अनुमति से चल रहे है। जिन पर कार्रवाई की जा रही है। मौज लॉज के पास भी शराब बेचने का लाइसेंस नहीं था।
आखिरकार बार में शराब आई कहां से
मौज लॉज पर कार्रवाई के बाद सवाल उठने लगे हैं कि जब इन होटल, लॉज और अवैध तरीके से चल रहे बार के पास शराब बेचने का लाइसेंस ही नहीं है तो यहां शराब आती कहां से है। सूत्र बताते हैं कि आबकारी विभाग को इसकी सारी खबर है कि शराब माफिया बड़े ठेकेदारों से मिलकर यहां शराब बेचते हैं। जबकि बड़े ठेकेदार अपना टार्गेट पूरा करने के लिए अवैध शराब की खरीद-फरोख्त में मदद करते हैं।