
कोटा. महावीर नगर थाने में ( Mahavir Nagar police station ) हिरासत में मौत के मामले में ( Prisoner's death in police custody ) आखिर पुलिस अधीक्षक ने थाने के 21 अधिकारियों और जवानों को लाइन हाजिर कर दिया। ( Police Inspector suspended ) इस मामले में थानाधिकारी महेश सिंह को सोमवार को लाइन में बुला लिया था, जिसे मंगलवार को निलम्बित कर दिया। ( 21 constable Line Hazir ) फिलहाल थाने की व्यवस्था सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन देखेंगी।
High Alert: चंबल और मेज नदी में जबरदस्त उफान, गांधी सागर-राणाप्रताप बांध लबालब, युवक नदी में बहा, ये मार्ग हुए बंद
23 अगस्त को हिरासत में मौत के मामले में पुलिस ने शुरू में थाने के कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। बाद में मृतक के परिजन सामने आए और उन्होंने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। इसके बाद थाने के 'अपनोंÓ को बचाने के सारे जतन विफल हो गए। मंगलवार को थाने के 21 और पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में पहुंच गए।
High Alert: चंबल और मेज नदी में जबरदस्त उफान, गांधी सागर-राणाप्रताप बांध लबालब, युवक नदी में बहा, ये मार्ग हुए बंद
एसपी दीपक भार्गव ने पुलिस महानिदेशक के आदेश पर महावीर नगर थाने के सब-इंस्पेक्टर सहित 21 पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया। शांतिभंग के आरोप में हनुमान को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दावा किया कि 23 अगस्त की सुबह महावीर नगर थाने में तबीयत बिगडऩे के बाद हनुमान की मौत हो गई थी।
इन पर हुई कार्रवाई
महावीर नगर थाने में तैनात एसआई रामस्वरूप मीणा, एएसआई धर्मराज सिंह, रघुराज सिंह, बाबूलाल मीणा, उदय सिंह, हैड कांस्टेबल रामकिशोर, रामहेत, देवेंद्र, धर्मेन्द्र यादव, शकुंतला, भूपाल सिंह, बलवंत सिंह, प्रभुलाल मीणा, अनिता, कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, महेश, पंकज शर्मा, संजू शर्मा, रघुरनाथ राम, लालचंद्र व सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
राजस्थान पत्रिका ने उठाया था सवाल
पुलिस मामले में जांच का दावा कर रही थी। पत्रिका ने इस मामले में सवाल उठाया था कि आरोपी पुलिसकर्मियों के रहते हुए किस तरह से निष्पक्ष जांच की जा सकती है। वे गवाहों को धमका सकते हैं अथवा जांच को प्रभावित कर सकते हैं। मृतक के परिजनों ने भी यही आशंका जताई थी। पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस को थाने से 22 कर्मचारियों को हटाना पड़ा।
Watch: 13 साल में पहली बार गांधी सागर के खुले 12 गेट, राणा प्रताप और जवाहर सागर के खुले 9-9 गेट, बस्तियां खाली करवाई
आज हनुमान के परिजनों से मिलेगी भाजपा की कमेटी
पुलिस हिरासत में हनुमान कोली की मौत के मामले में सियासत शुरू .हो गई है। यह मामला भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों तक पहुंचने के बाद एक कमेटी का गठन किया गया है। पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में बनी इसी समिति में पूर्व मंत्री मदन दिलावर और रामकिशोर मीना हैं। यह कमेटी गुरुवार को कोटा में हनुमान के परिजनों से मिलेगी। इससे संबंधित अन्य लोगों से मिलकर भी तथ्य जुटाएगी। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय ने बताया कि शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत गंभीर मामला है। भाजपा मौत के वास्तविक कारणों को जनता के सामने लाने का प्रयास करेगी।