लोक परिवहन सेवा की आड़ में बस मालिक अधिकतर मार्गों पर अवैध रूप से वाहनों दौड़ा कर चांदी कूट रहे हैं।
कोटा . यह तो उदाहरण मात्र है। लोक परिवहन सेवा की आड़ में बस मालिक अधिकतर मार्गों पर अवैध रूप से वाहनों दौड़ा कर चांदी कूट रहे हैं। यहीं नहीं एक परमिट पर तीन से चार बसें चलाई जा रही हैं। लेकिन परिवहन विभाग की नजर इस इन बसों पर नहीं पड़ रही है। कार्रवाई नहीं होने से बैखोफ यह वाहन रूटों पर दौड़ रह हैं।
राज्य सरकार द्वारा हर मार्ग पर लोक परिवहन सेवा को शुरू कर दिया गया है। इसके चलते अब हर मार्ग पर अवैध रूप से वाहन संचालित होने लग गए हैं। निजी बस संचालकों द्वारा एक बस के परमिट पर दो बसों को संचालित किया जा रहा है।
रावतभाटा, श्योपुर व बारां मार्ग पर तो निजी बस संचालकों द्वारा एक परमिट पर तीन से चार बसों को संचालित किया जा रहा है। एक परमिट से एक से अधिक बसें चलने से बस मालिकों की मोटी कमाई हो रही है। वहीं पहले से ही घाटे में चल रही रोडवेज को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
केस 1
आरजे 20 पीए 2939 बस को बारां-छीपाबड़ौद का परमिट मिला है, लेकिन बस कोटा- बारां व छीपाबड़ौद चल रही है। नयापुरा चौराहे से कोटा-बारां की सवारियों को बस में बैठाया जाता है।
केस 2
आरजे 20 पीए 9469 की बस को परिवहन विभाग ने कोटा-खातौली लोक परिवहन बस का परमिट दे रखा है। शनिवार को सीबी गार्डन के सामने इस बस में श्योपुर जाने वाले यात्रियों को बैठाया जा रहा था।
केस 3
आरजे 20 पीए 9306 बस मालिक ने कोटा-सुल्तानपुर का उपनगरीय परमिट लिया, लेकिन बस कोटा-श्योपुर रूट पर चल रही है।
कोटा अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मथुरा प्रसाद मीणा ने कहा कि कार्रवाई करेंगे और उपनगरीय परमिट की आड़ में अवैध बसों का संचालन किया जा रहा है तो गलत है। इस तरह की बसों पर कार्रवाई करने के लिए निरीक्षकों को निर्देश दिए जाएंगे।