राजस्थान के पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री और भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए स्मार्ट सिटी को जनता से धोखा बताया।
कोटा में खत्म हो गया स्मार्ट सिटी का कांसेप्ट
राजस्थान के पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री और भाजपा विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने आवारा मवेशियों और सफाई व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सिंघवी ने राजस्थान और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के बहाने कोटा की जनता को गुमराह किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के कान्सेप्ट को ही कोटा में खत्म कर दिया है। शहर के केवल आवारा मवेशी और गंदगी के ढेर नजर आते हैं, क्या सरकार इसे ही स्मार्ट सिटी कहती है।
नगर निगम को बताया नकारा
सिंघवी ने नगर निगम में भाजपा बोर्ड के तीन साल पूरे होने पर कहा कि बोर्ड ने शहर के विकास की दिशा में कोई काम नहीं किया है। तीन साल में शहर में अतिक्रमण की बाढ़ आ गई है। भू माफिया बेखौफ होकर जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सफाई की दृष्टि से शहर का बुरा हाल है। डेंगू और स्वाइन फ्लू से कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन आज तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
विपक्ष मनाएगा धिक्कार दिवस
कोटा नगर निगम चुनाव के 3 साल पूरे होने पर बोर्ड की विफलताओं के विरोध में विपक्ष धिक्कार दिवस मनाएगा। नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने बताया कि शहर को स्वच्छ बनाने के जिम्मेदारों ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई, इसलिए लोग बुरे हालात में जीने को मजबूर हैं। निगम को नरक निगम कहा जाए तो कम नहीं होगा। सफाई व्यवस्था में निगम विफल रहा। मौसमी बीमारियों की चपेट में आकर 70 से अधिक लोगों की जान चली गई।