
कोटा. संभागीय आयुक्त कार्यालय में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अशफाक का शव मिला। अशफाक सोमवार रात करीब ढाई बजे कार्यालय पहुंचा था। उसने चौकीदार को बताया था कि कुछ काम बाकी है और इसके बाद अंदर चला गया। सुबह करीब 10 बजे कार्यालय खुलने पर उसका शव मिला। मौत की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अशफाक रात में कार्यालय क्यों पहुंचा था और वहां क्या हुआ।
परिजनों ने बताया कि सोमवार को अशफाक अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए बूंदी गया था। वहां से लौटने में उसे रात हो गई। करीब 10 से 11 बजे वह वापस घर पहुंचा। घर आने के बाद उसने परिवार के लोगों को बताया कि कार्यालय में कुछ काम बाकी है और उसे पूरा करने के लिए जाना पड़ेगा। इसके बाद वह घर से निकलकर कार्यालय चला गया।
कार्यालय के चौकीदार मुकुट ने बताया कि सोमवार देर रात करीब ढाई बजे अशफाक ऑफिस पहुंचा था। वहां आने के बाद उसने चौकीदार से कहा कि उसका कुछ काम बाकी रह गया है, जिसे पूरा करने के लिए वह कार्यालय आया है। इसके बाद वह अंदर चला गया। बताया जा रहा है कि कार्यालय की चाबियां भी अशफाक के पास ही रहती थीं और वह जरूरत पड़ने पर खुद ही कार्यालय खोलता था।
अशफाक पिछले 13 साल से संभागीय आयुक्त कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहा था। उसका मूल विभाग बूंदी का राजस्व विभाग था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। एफएसएल टीम की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।
कोटा कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि अशफाक रात में कुछ घबराए हुए हालत में कार्यालय पहुंचा था। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे पारिवारिक परेशानी भी एक वजह हो सकती है। फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिससे लगे कि वह ऑफिस के काम को लेकर तनाव में था। पुलिस अभी परिवार के लोगों से बातचीत कर घटना से जुड़ी दूसरी जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रहा है।