Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने कोटा स्टोन को अप्रधान खनिज घोषित किया, जिससे लघु उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है।
Kota stone Will Remain In Minor Mineral Category: राजस्थान सरकार ने कोटा स्टोन उद्यमियों को नए साल से पहले ही तोहफा दे दिया है। कोटा स्टोन (अप्रधान खनिज, माइनर) श्रेणी में ही रहेगा। इससे कोटा स्टोन के लघु उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी। कोटा स्टोन की खानों के लिए अब पूर्ववत के नियम ही लागू रहेंगे।
राज्य सरकार के खान एवं पेट्रोलियम विभाग संयुक्त शासन सचिव अरविंद सारस्वत ने लाइम स्टोन (कोटा स्टोन) को अप्रधान मानने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही खनन पट्टाधारियों की बड़ी परेशानी व कोटा स्टोन पत्थर व्यापार पर छाए संशय के बादल छट गए हैं।
केंद्र सरकार ने अक्टूबर माह में अधिसूचना जारी कर सभी तरह के लाइम स्टोन को प्रधान खनिज में शामिल कर दिया था। इसमें कोटा स्टोन भी आ गया था। अधिसूचना के बाद कोटा स्टोन उद्यमी आंदोलन पर उतर गए थे और कारोबार ठप हो गया था। अधिसूचना के तहत रॉयल्टी दुगुनी होनी थी और पत्थर की खानें आवंटन की जगह नीलाम का प्रावधान किया था। इससे बड़े औद्योगिक घरानों की एंट्री होने वाली थी।
कोटा और रामगंजमंडी के कोटा स्टोन उद्यमियों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भेंटकर कोटा स्टोन को प्रधान खनिज में शामिल करने के अधिसूचना से उत्पन्न होने वाली समस्या से अवगत कराया था और राहत दिलाने का आग्रह किया था। इसके बाद नई दिल्ली में केंद्रीय खान विभाग के अधिकारियों के साथ कोटा स्टेान उद्यमियों की बैठक करवाई थी और बिरला ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से बात की।
इसके बाद राज्य सरकार ने संशोधित आदेश जारी कर दिया है। लाइम स्टोन माइनिंग एसोसिएशन, कोटा स्टोन स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया है।
केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने पर 31 अक्टूबर को राजस्थान पत्रिका ने मामला उठाते हुए समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद 10 दिसंबर को एक बार फिर समाचार प्रकाशित किया। लाइम स्टोन माइनिंग एसोसिएशन अध्यक्ष सर्वजीत सिंह आनंद ने राजस्थान पत्रिका की तारीफ करते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित करने पर आभार जताया।
कोटा स्टोन स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र काला, केएसएसआइए सचिव अखलेश मेड़तवाल ने बताया कि सरकार के फैसले से क्षेत्र के खनन व्यवसाय, श्रमिकों और लघु उद्योगों को बड़ी राहत मिली है, जिससे पूरे कोटा स्टोन उद्योग में खुशी है।