कोटा

राजस्थान का नया एयरपोर्ट : 20,000 वर्गमीटर में बनेगा टर्मिनल, 3200 मीटर लंबा होगा रनवे, तेजी से चल रहा काम

राजस्थान के नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण 1507 करोड़ रुपए से होना है। 440.646 हेक्टेयर भूमि एएआइ को सौंपी गई है। इस एयरपोर्ट पर 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनेगा।

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Mar 05, 2026
Kota Green Field Airport
रनवे के लिए चल रहा समतलीकरण का काम (फोटो-पत्रिका)

कोटा। दो दशक से अधिक समय से कोटा की राजनीति की धुरी बने कोटा के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का सपना अब हकीकत में उड़ान भरने की तैयारी में है। 7 मार्च को होने वाले शिलान्यास समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। एयरपोर्ट परिसर में ही हेलीपैड बनाया गया है। विशाल डोम बनाया जा रहा है, जहां बड़ी सभा की तैयारी है।

शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो संदेश सुनाया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को मिशन के रूप में लेकर चल रहे थे। वे लगातार शीर्ष स्तर पर प्रयास कर रहे थे। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

इनपर तेजी से चल रहा काम

शिलान्यास के पहले बुधवार को पत्रिका टीम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थल पहुंची और तैयारियों को देखा। प्रशासन की ओर से शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर सड़क, समतलीकरण, हेलीपैड निर्माण, डोम बनाने का काम अंतिम चरण में है। इसके अलावा पुलिस सुरक्षा संबंधी तैयारियां की जा रही हैं।

रनवे के लिए चल रहा काम (फोटो-पत्रिका)

लोकसभा अध्यक्ष करेंगे शिलान्यास

कोटा में एयरपोर्ट समेत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का शिलान्यास लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय नागरिक एवं उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा करेंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन तैयारियों में जुटे हैं।

बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद

समारोह में कोटा और बूंदी जिले के कस्बों से लेकर गांवों तक के लोगों की भागीदारी रहेगी। इस हिसाब से डोम तैयार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) की ओर से इसकी जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं।

इस तरह दिखेगा कोटा-बूंदी एयरपोर्ट (फोटो-प्राधिकरण)

समतलीकरण का काम अंतिम चरण में

कोटा में प्रदेश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर एयर साइड के तहत अन्तरराष्ट्रीय स्तर का रन-वे बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। इसके साथ ही एयरपोर्ट की चारदीवारी का काम भी तेजी से चल रहा है। एयर साइड के काम के तहत अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार रन-वे पर के लिए अर्थ वर्क का काम किया जा रहा है। इसके अलावा सिटी साइड के टेंडर भी हो चुके हैं।

दिल्ली की कंपनी को मिला काम

दिल्ली की आहलूवालिया कांट्रेक्ट्स इंडिया लिमिटेड को कार्य मिला है। ऐसे में अब एयर साइड के साथ सिटी साइड का काम भी शुरू हो जाएगा। कोटा के नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर एयर साइड का टेंडर वर्क हरियाणा के गुरुग्राम की कंपनी केसीसी बिल्डकॉन कर रही है।

रन-वे के बेसवर्क पर फोकस

अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट पर सबसे अहम रन-वे का काम होता है। ऐसे में रन-वे के लिए अर्थ वर्क सबसे महत्वपूर्ण होता है। एयरपोर्ट के रन-वे के लिए चिह्नित भूमि पहले से ही चट्टानी होने से ठोस है। ऐसे में यह रन-वे बनाने के लिए उपयुक्त है। यहां रन-वे बनाने के लिए लेवल से ऊंची चट्टानों को हटाया जा रहा है, वहीं गड्ढों की फीलिंग की जा रही है।

सभा के लिए लगाए जा रहे टेंट (फोटो-पत्रिका)

एयर साइड में ये होंगे काम

ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पर कंपनी टेंडर के तहत 3.2 किमी लंबा और 45 मीटर चौड़ा रन-वे और 12.5 किमी लंबी और 8 फीट ऊंची चारदीवारी, इलेक्ट्रिफिकेशन, एयरक्राफ्ट एप्रिन, लैंड लेवलिंग और कुछ सड़कें बनाने का काम शुरू हो गया है। एयरपोर्ट पर ड्रेनेज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी बनाया जाएगा। रन-वे के लिए ग्रास लगाने का काम भी किया जाएगा। एयर स्ट्रिप के दोनों तरफ 7.5 मीटर का पेव्ड शोल्टर, सेफ्टी एरिया बनाया जाएगा।

फैक्ट फाइल

  • 1507 करोड़ से होना है कोटा-बून्दी एयरपोर्ट का निर्माण
  • 440.646 हैक्टेयर भूमि एएआइ को सौंपी
  • 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा होगा रनवे
  • 1000 यात्री क्षमता पीक आवर में
  • 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला होगा टर्मिनल
  • ए-321 श्रेणी के विमानों की पार्किंग के लिए बनेंगे 7 एप्रन वे
  • दिसम्बर 2027 में शुरू होगी उड़ान

तब से अब तक ऐसे चली एयरपोर्ट की प्रकिया

  • 6 मार्च 2018 : पहली बार कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर राज्य सरकार व एएआइ में वार्ता।
  • 23 मार्च 2018 : राज्य सरकार व एएआइ की वार्ता में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए टेक्नीकल सर्वे पर सहमति।
  • 2021 : शंभुपुरा में 500 हैक्टेयर भूमि चिन्हित, एएआइ ने माना उपयुक्त।
  • 2021 दिसंबर : वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव परिवेश पोर्टल पर सबमिट।
  • 3 अगस्त 2022 : 33.408 नॉन फॉरेस्ट लैंड यूआइटी ने एएआइ को आवंटित की।
  • 13 दिसंबर 2022 से 25 जनवरी 2023 तक : 500 हैक्टेयर जमीन का टोपोग्राफिक सर्वे और डिमार्केशन करना किया तय।
  • 27 जनवरी 2023 : केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 406.678 हैक्टेयर जमीन के डायवर्जन को लेकर इन प्रिंसिपल स्टेज वन क्लियरेंस दी।
  • 28 फरवरी 2023 से 18 जून 2023 : मास्टर प्लान के अनुरूप सॉयल टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी।
  • 18 जून 2023 : वन विभाग की ओर से जमीन घटाने के बाद वापस सर्वे करवाया।
  • 19 जुलाई 2024 : राज्य सरकार व एएआई के बीच एमओयू।
  • 1 नवंबर 2024 : फॉरेस्ट लैंड की सैकंड स्टेज अप्रूवल।
  • 12 नवंबर 2024 : राज्य सरकार ने एएआइ को की जमीन हेंडओवर।
  • 26 सितंबर, 2024 : वन विभाग ने दी वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस।
  • 21 फरवरी 2025 : निर्माण को लेकर पर्यावरणीय स्वीकृति।
  • 2024 दिसंबर : 1507 करोड़ रुपए की डीपीआर मंजूर।
  • 6 फरवरी 2025 : 467.67 करोड़ के टेंडर जारी हुए।
  • 18 जुलाई 2025 : 283 करोड़ एयर साइड का टेंडर।
  • फरवरी 2026 : 393 करोड़ सिटी साइड का टेंडर।
Updated on:
04 Mar 2026 11:18 pm
Published on:
05 Mar 2026 06:00 am