कोटा बैराज, कालीसिंध व छापी बांध के दो-दो, भीमसागर बांध के तीन गेट खुले
हाड़ौती अंचल में रविवार को सावन की झड़ी लगी रही। सड़कें दरिया बन गई। खेत लबालब हो गए। कोटा बैराज, कालीसिंध व छापी बांध के दो-दो गेट व भीमसागर बांध के तीन गेट खोले गए। बारां जिले के मांगरोल विद्युत जीएसएस में पानी भर गया। बारां में सीमावर्ती मध्यप्रदेश का आवागमन बंद हो गया। शाहाबाद में कमलेश्वर महादेव मंदिर में पानी घुस गया।
कोटा शहर में देर रात से चला बारिश का दौर रविवार दिनभर चला। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। रविवार का अवकाश होने व बारिश से बाजारों में आवाजाही कम रही। लोग जरूरी कार्य से ही बाहर निकले। कई लोग बारिश का आनंद लेते रहे। कई छाते व रेनकोट पहनकर निकले। शाम को भी बूंदाबांदी का दौर चलता रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, कोटा शहर में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई।जिले के सातलखेड़ी, सांगोद, सुल्तानपुर, अरण्डखेड़ा, मोड़क समेत अन्य स्थानों पर सुबह से ही कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के कारण खेत लबालब हो गए। रेत्या बस्ती की रपट, डाबर खाल व पहेलड़ी में उफान रहा। रामगंजमंडी उपखंड में दो इंच बारिश दर्ज की गई।
झालावाड़ : उजाड़ नदी खतरे के निशान पर
झालावाड़ जिले में तीन दिन से जोरदार बारिश का दौर जारी है। उजाड़ नदी खतरे निशान से ऊपर बह रही है। कालीसिंध बांध के दो गेट ढाई-ढाई मीटर खोलकर 19 हजार 500 क्यूसेक पानी की निकासी, भीमसागर बांध के 3 गेट 4 फीट खोलकर 19 हजार 900 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही। छापी बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक जारी है।
बांध का जल स्तर बढ़ने के कारण बांध के 2 गेट को कुल 1.5 मीटर ऊंचाई तक खोल कर 3787 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। झालावाड़ में 19, रायपुर में 61, बकानी में 54, अकलेरा 56, असनावर में 22, डग में 78, गंगधार 24, झालरापाटन में 36, खानपुर में 16, मनोहरथाना में 40, पचपहाड़ में 48, पिड़ावा में 38, सुनेल में 42 एमएम बारिश दर्ज की गई।
बूंदी : कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बरसात
बूंदी शहर में सुबह से रुक-रुक कर हल्की बरसात होती रही। बीच-बीच में कुछ देर के लिए तेज बारिश भी हुई। शाम सवा पांच बजे फिर से हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। सड़कों पर पानी बह निकला। शाम पांच बजे तक बूंदी में 20, तालेड़ा में 9, केशवरायपाटन में 16, इन्द्रगढ़ में 7, नैनवां में 15, हिण्डोली में 8, रायथल में 15 एमएम बारिश दर्ज की गई।
बारां : अटरू में 167 एमएम बारिश
बारां जिले में शनिवार रात्रि से शुरू हुई बरसात रविवार दिनभर जारी रही। तेज बरसात के चलते जहां एक ओर जिले के भंवरगढ़ कस्बा क्षेत्र की कई बस्तियों, स्कूल व मंदिर व सड़कों पर पानी का भराव हो गया। दूसरी ओर कवाई में तेज बारिश के चलते एक पुराना मकान धराशायी हो गया। झनझनी क्षेत्र में स्थित एक स्कूल का पुराना भवन भी बरसात के चलते धराशाही हो गया। बीते 24 घंटों में सर्वाधिक बरसात अटरू में 167 एमएम दर्ज की गई।
दो दिन स्कूलों में अवकाश घोषित
बारां जिला प्रशासन ने सोमवार व मंगलवार को मां बाड़ी, आंगनबाड़ी तथा नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने भंवरगढ़ कस्बे के हालात को देखकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। वहीं बारां में 93, अन्ता में 29, मांगरोल में 73, छबड़ा में 67, छीपाबड़ौद में 73, शाहाबाद में 81, किशनगंज में 127 एमएम बरसात रिकार्ड की गई।