कोटा

Big News: कोटावासियों ध्यान दें, घर के बाहर लगे एसी पर कबूतर बैठा तो हो सकती है आपकी मौत

घर के बाहर लगे एसी पर कबूतर बैठने से भी जान जा सकती है। कबूतर की बीट, उसके शरीर, पंख में प्रोटीन होता है।

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Mar 19, 2018

कोटा . घर के बाहर लगे एसी पर कबूतर बैठने से भी जान जा सकती है। कबूतर की बीट, उसके शरीर, पंख में प्रोटीन होता है। उसकी गंदगी एसी के माध्यम से कमरे में जाती है और धीरे-धीरे लोग श्वास रोग से पीडि़त हो जाते हैं। कई लोगों के लंग्स खराब हो जाते हैं और इससे मौत तक हो जाती है। कबूतर को एसी पर नहीं बैठने देना चाहिए। ये बात रविवार को न्यू मेडिकल कॉलेज स्थित ऑडिटोरियम में चल रहे दो दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस राजपूल्कोकॉन में केरला के कोच्ची से आए अमृता हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. टिंकू जोसफ ने कही।

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वक्ताओं ने कहा, विश्व में सबसे अधिक क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के रोगी भारत में पाए जाते हैं, वहीं भारत में सबसे अधिक सीओपीडी (श्वांस व फेंफड़े से संबंधित रोग) के रोगी राजस्थान में हैं। इसका प्रमुख कारण प्रदूषण है। राजस्थान में प्रतिवर्ष 1 लाख में से 111 लोग सीओपीडी से मरते हैं, जो हार्ट डिजीज से भी अधिक है। जबकी पूरे भारत में सबसे अधिक मौत दिल की बीमारियों से होती है। यहां वक्ताओं ने श्वास से सम्बंधित होने वाले रोगों की जानकारी दी। नई तकनीक के बारे में बताया। श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल सक्सेना ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कई नई तकनीक कोटा में डॉक्टर्स को सीखने को मिली हैं। इस दौरान देश के कई चिकित्सकों ने शिरकत की।

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विश्व के 20 प्रदूषित शहरों में 13 भारत के
विश्व की 1600 सिटी का सर्वे ग्लोबल बर्डन डिजीज द्वारा हुआ, जिसमें विश्व की 20 सिटी सबसे अधिक प्रदूषित चुनी गईं। जिसमें से 13 भारत में थीं। उसमें से भी सीओपीडी से मरने वालों की संख्या सबसे अधिक राजस्थान में निकली।

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राजस्थान में धूल अधिक
जयपुर अस्थमा भवन के डॉयरेक्टर डॉ. विरेन्द्र सिंह ने बताया कि राजस्थान में धूल सबसे अधिक पाई गई है। यहां माइंस, खेत, फेक्ट्री, रोड साइड डस्ट अधिक है।

Published on:
19 Mar 2018 10:42 am
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