कोटा

गैंगस्टर रणवीर हत्याकांड: जमीन से लेकर सट्टे तक फैला था चौधरी का कारोबार, भानू और शिवराज के गुर्गें भी खाते थे खौफ

Ranveer Chaudhary murder case, Speculative, Occupation Land : भूमाफियाओं के बीच झगड़े में फंसी जमीनें खरीदना रणवीर की खास आदत थी। जिसके चलते उसकी शिवराज गैंग से खासी ठनी हुई थी।
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Updated: 23 Dec 2019, 1:25 AM IST
Ranveer Chaudhary murder case
गैंगस्टर रणवीर हत्याकांड: जमीन से लेकर सट्टे तक फैला था चौधरी का कारोबार, भानू और शिवराज के गुर्गें भी खाते थे खौफ

कोटा. हार्डकोर अपराधी हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी जमीनों पर अवैध कब्जे से लेकर सट्टा कारोबार में लिप्त रहा है। पुलिस के मुताबिक रणवीर चौधरी जमीनों पर कब्जे करने में खासा माहिर था। भूमाफियाओं के बीच झगड़े में फंसी जमीनें खरीदना उसकी खास आदत थी। जिसके चलते उसकी शिवराज गैंग से खासी ठनी हुई थी। इतना ही नहीं हाड़ौती में बड़े सट्टे लगवाने के लिए भी उसका नाम पुलिस के रेकॉर्ड में दर्ज है। एएसपी राजेश मील ने 9 अक्टूबर 2018 की रात जगपुरा स्थिति रणवीर चौधरी के फार्म हाउस पर अफगान प्रीमियर लीग पर साढ़े तीन करोड़ का सट्टा लगाते हुए सात लोगों रंगे हाथ धर दबोचा था। पूरा फार्म हाउस किले की तरह बना था। जिसकी सुरक्षा के लिए सीसीटीवी से लेकर तारबंदी तक की गई थी। पुलिस के मुताबिक 20-20 मैचों में उसके फार्म हाउस पर बड़ा सट्टा लागाया जाता था। रणवीर चौधरी से भानू और शिवराज गैंग के गुर्गे भी खासे डरते थे। उसके अचूक निशाने की वजह से नवनीत शर्मा गैंग ने रमेश जोशी गैंग के सफाए की जिम्मेदारी रणवीर चौधरी को ही दी थी।

रावतभाटा रोड पर मिली कार
हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी की हत्या कर हमलावर बूंदी के नंबर की स्कॉपियो से भाग निकले। चश्मदीदों ने गाडी का नंबर पुलिस को बताया जिसके बाद उसे पकडऩे के लिए नाकाबंदी कर दी गई, लेकिन हमलावर इतने शातिर निकले कि रावतभाटा रोड़ पर शिवपुरा के पास ही कार छोड़कर भाग निकले। पुलिस को आशंका है कि हमलावरों की संख्या ज्यादा हो सकती है और उनके पास वाहन भी एक से ज्यादा थे। जिसके चलते रात भर हत्यारों की तलाश करने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी।

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