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Inside story: हाड़ौती की रमेश जोशी गैंग का खात्मा कर रणवीर ने जमाया था राजस्थान के माफियाओं पर अपना सिक्का

Ranveer Chaudhary murder case, Bhanu Pratap Gang: रमेश जोशी गैंग का सफाया कर उसने पूरे राजस्थान के माफियाओं पर खासी हनक कायम कर रखी थी।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 22 Dec 2019, 11:58 PM IST

Ranveer Chaudhary murder case

Inside story: हाड़ौती की रमेश जोशी गैंग का खात्मा कर रणवीर ने जमाया था राजस्थान के माफियाओं पर अपना सिक्का

कोटा. हार्डकोर अपराधी हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी ( Hardcore Criminal Ranveer Chaudhary ) जमीनों पर अवैध कब्जे से लेकर सट्टा कारोबार में लिप्त रहा है। ( Speculative business ) रमेश जोशी गैंग ( Ramesh Joshi Gang ) सफाया कर उसने पूरे राजस्थान के माफियाओं पर खासा रूतबा कायम कर रखा था।रणवीर चौधरी ने अपराध की दुनिया में बड़ी तेजी से पैर जमाए थे। वह आदतन अपराधी था। उसने पहले भानू गैंग का दामन थामा और जब भानू की हत्या हो गई तो शिवराज गैंग में शामिल हो गया, लेकिन पैसों के बंटवारे को लेकर शिवराज से उसकी ठनी तो अपनी गैंग बनाने में जुट गया।

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रणवीर चौधरी से भानू और शिवराज गैंग के गुर्गे खासे डरते थे। उसके अचूक निशाने की वजह से नवनीत शर्मा गैंग ने रमेश जोशी गैंग के सफाए की जिम्मेदारी रणवीर चौधरी को ही दी थी। जोशी गैंग के खात्मे के लिए उसने हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर राजू उर्फ आरिफ, जोगेंद्र सिंह, शानी और अमित नावरिया को नवनीत शर्मा गैंग में जोड़ लिया। 25 अप्रेल 2011 को जब रमेश जोशी अपने सालेड़ा कला स्थित फार्म हाउस पर जा रहा था तब उसने पूरे गैंग के साथ मिलकर चेचट में उसकी हत्या कर डाली। जोशी कहीं बच न जाए इसीलिए उस पर एक दो नहीं बल्कि पूरे 40 राउंड फायर किए गए थे।

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दर्ज हैं 16 मुकदमे
पुलिस ने मृतक की शिनाख्त थाना महावीर नगर स्थित टीचर्स कॉलोनी निवासी रणवीर चौधरी के तौर पर की। चौधरी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और जमीनों पर अवैध कब्जे के 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। हार्डकोर क्रिमिनल होने की वजह से महावीर नगर थाने ने हिस्ट्रीशीट भी खोल रखी है। चौधरी पहले भानू प्रताप और उसके बाद शिवराज गैंग में भी शामिल रहा है।

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