Lemon Price Hike: गर्मी की शुरुआत से पहले ही नींबू के दाम आसमान छूने लगे हैं। थोक मंडी से लेकर खुदरा बाजार तक कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिसके चलते आम लोगों की रसोई पर भी असर पड़ रहा है।
Record Breaking Lemon Price: पोहे और दाल का स्वाद बढ़ाने वाला नींबू इन दिनों महंगाई के कारण लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। गर्मी की शुरुआत से पहले ही नींबू के भावों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खुदरा बाजार में नींबू 200 रुपए किलो तक बिक रहा है, जबकि थोक मंडी में इसके भाव करीब 150 रुपए किलो चल रहे हैं।
नींबू का सेवन सेहत के लिए भी लाभदायक माना जाता है। यह एसिडिटी को दूर करने में मदद करता है और भोजन को पचाने में सहायक होता है। गर्मी के मौसम में गन्ने के रस में नींबू का उपयोग स्वाद को और बढ़ा देता है। घरों में नींबू का अचार भी बनाया जाता है। सुबह के नाश्ते में बनने वाले पोहे और दाल में भी नींबू का इस्तेमाल आमतौर पर किया जाता है, जिससे भोजन का स्वाद बढ़ जाता है।
मद्रास से आ रहे नींबू
वर्तमान में रामगंजमंडी में आने वाले अधिकांश नींबू मद्रास से मंगवाए जा रहे हैं। हालांकि गांवों में भी नींबू के पेड़ लगे हुए हैं, जिनमें सर्दी और गर्मी दोनों मौसम में फल आते हैं, लेकिन गर्मी में आने वाले स्थानीय नींबू अभी सब्जी मंडी तक नहीं पहुंच रहे हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। अभी गर्मी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है, ऐसे में आने वाले दिनों में नींबू के दाम और बढ़ सकते हैं।
पहले किसान अपने खेतों में नींबू और आंवले के पौधे लगाते थे, लेकिन उचित दाम नहीं मिलने के कारण अब उनका रुझान अमरूद और संतरे की खेती की ओर बढ़ गया है। इसके चलते स्थानीय स्तर पर नींबू की पैदावार कम हो गई है, जिसका असर बाजार में कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
हरिपुरा निवासी किसान सत्यनारायण धाकड़ का कहना है कि पहले उनके खेत में नींबू का बगीचा था, लेकिन उत्पादन के मुकाबले बाजार नहीं मिलने से पेड़ों की अवधि पूरी होने के बाद दोबारा पौधे नहीं लगाए। उनका कहना है कि अगर यहां कोई प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित हो जाए तो नींबू की पैदावार बढ़ सकती है, क्योंकि नींबू बारहमासी फल है। फिलहाल बाजार की कमी के कारण किसानों का इससे मोहभंग हो गया है।